भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संकट और कमजोर मानसून की संभावना भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए बड़े जोखिम हैं। फिर भी उन्होंने भरोसा जताया कि देश की मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण भारत पिछले कुछ वर्षों से 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर बनाए रखने में सफल रहा है।
डीडी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही। वहीं, चालू वित्त वर्ष के लिए आरबीआई ने 6.6 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। उनका कहना है कि मजबूत मौद्रिक (मॉनिटरी) और राजकोषीय (फिस्कल) नीतियों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
महंगाई के बारे में उन्होंने कहा कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई का अनुमान 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है। जून महीने में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38 प्रतिशत हो गई, जबकि खाद्य महंगाई 5.32 प्रतिशत रही। इसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ना है। RBI गवर्नर ने कहा कि मानसून भी एक अहम जोखिम है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। कृषि का देश की जीडीपी में लगभग 17 प्रतिशत योगदान है, इसलिए मानसून की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
इस वजह से मजबूत हुआ डॉलर
रुपये की कमजोरी पर उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण डॉलर मजबूत हुआ है। इससे कई देशों की मुद्राओं पर असर पड़ा है। हालांकि, अन्य देशों की तुलना में भारतीय रुपये का प्रदर्शन काफी स्थिर रहा है।
विदेशी निवेश (एफडीआई) के बारे में उन्होंने बताया कि पिछले साल भारत में लगभग 95 अरब डॉलर का रिकॉर्ड सकल एफडीआई आया। वहीं, चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में शुद्ध एफडीआई करीब 7 अरब डॉलर रहा है।
लोन लेने वालों की संख्या बढ़ी
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक महंगाई को नियंत्रण में रखने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता रहेगा। उनके अनुसार, कम और स्थिर महंगाई ही लंबे समय तक मजबूत आर्थिक विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। उन्होंने बताया कि जून महीने में बैंकों की ऋण (लोन) वृद्धि सालाना आधार पर करीब 18 प्रतिशत रही, जो मई के 17.5 प्रतिशत से अधिक है।
कृत्रिम मेधा (एआई) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में उन्होंने कहा कि आरबीआई ने बैंकों को ग्राहक सेवा बेहतर बनाने, खर्च कम करने और फैसले लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए एआई का अधिक उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने साइबर सुरक्षा और ग्राहकों के डेटा की गोपनीयता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। हाल ही में बैंक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी उन्होंने एआई जैसी नई तकनीकों का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया।
(इनपुट-भाषा)
