पटना

Bihar News: पिछले 30 वर्षों के कुल 2.34 करोड़ निबंधन दस्तावेजों का हुआ डिजिटाइजेशन

Bihar News: बिहार में नीतीश सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए "ई-निबंधन" सॉफ्टवेयर भी लांच किया है। इससे लोग घर बैठे निबंधन के लिए आवेदन, अपडेट की स्थिति, जमीन की श्रेणी, देय शुल्क और ई-केवाइसी कर सकेंगे।

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बिहार सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • आने वाले वर्ष में पांच करोड़ दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन का है लक्ष्य
  • लक्ष्य के विरुद्ध वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 102 प्रतिशत राजस्व की हुई वसूली
  • आमजन की सुविधा के लिए ई-निबंधन सॉफ्टवेयर लांच

Bihar News: बिहार में वर्ष 1908 से लेकर वर्ष 1990 तक कुल पांच करोड़ निबंधित दस्तावेजों को डिजिटाइज किया जाना है, जिसके लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है। वर्ष 1995 से 2025 तक कुल 2.34 करोड़ निबंधित दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन का काम पूरा किया जा चुका है। इससे लोगों को अब जमीन और मकान के दस्तावेजों को ऑनलाइन देखने में सुविधा मिल जाएगी।

निबंधन विभाग के राजस्व में वृद्धि

इसके साथ ही निबंधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व लक्ष्य का 102 प्रतिशत हासिल किया है| बीते वर्ष लक्ष्य 7 हजार, 500 करोड़ रुपए था। जिसके विरुद्ध कुल 7 हजार, 648.88 करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह लक्ष्य 7 हजार करोड़ रुपए निर्धारित था। जिसके विरुद्ध कुल 6 हजार, 170.91 रुपए की प्राप्ति हुई थी। विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में राजस्व की प्राप्ति में 24 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में निबंधित दस्तावेजों की कुल संख्या 17 लाख, 51 हजार, 510 रुपए है, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व संग्रहण का निर्धारित लक्ष्य 8 हजार 250 करोड़ रुपए है।

ई-निबंधन सॉफ्टवेर

राज्य सरकार ने आमजन की सुविधा के लिए "ई-निबंधन" सॉफ्टवेयर भी लांच किया है। इससे लोग घर बैठे निबंधन के लिए आवेदन, अपडेट की स्थिति, जमीन की श्रेणी, देय शुल्क और ई-केवाइसी कर सकेंगे। निबंधन प्रक्रिया पेपरलेस करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चार कार्यालयों में काम चालू है। इससे पक्षकारों को दस्तावेज तैयार करने और उसे स्कैन करने से छुटकारा मिल गया है| विभाग की ओर से सभी पदाधिकारियों को निबंधन के लिए लैपटॉप दिया गया है।

नया निबंधन कार्यालय

राज्य में फिलहाल कुल 140 निबंधन कार्यालय कार्यरत हैं। जिसमें राज्य के सभी 38 जिलों में निबंधन कार्यालय के साथ-साथ कुल 102 अवर निबंधन कार्यालय काम कर रहे हैं। वर्ष 2025 में कुल तीन नए निबंधन कार्यालय वीरपुर (सुपौल), सोनवर्षा (सहरसा) और पालीगंज (पटना) बनाए गए है।

ई-स्टाम्प

विभागीय सॉफ्टवेर से सभी निबंधन कार्यालयों में ई-स्टाम्प की बिक्री को-ऑपरेटिव बैंक के माध्यम से की जा रही है। निबंधन कार्यालयों में फ्रैंकिंग मशीन से एक हजार रूपए तक के गैर न्यायिक मुद्रांक निर्गत कर उसकी बिक्री की जा रही है। उच्च न्यायालय और राज्य के सभी 60 व्यवहार न्यायालयों में भी ई-कोर्ट फीस की बिक्री की जा रही है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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