पटना

Patna Metro Operation: अगले साल से 5 स्टेशनों के बीच चलने लगेगी मेट्रो, जानें कहां तक पहुंचा निर्माण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 31, 2023, 01:04 PM IST

Patna Metro News: पटना के लोगों के लिए सुकून भरी खबर है। शहर में अगले साल से मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल कुछ स्टेशनों के बीच मेट्रो संचालन शुरू हो रहा है। फिर निर्माण कार्य पूरा होने पर अन्य रूट पर भी मेट्रो चलेगी। हाल के महीनों में मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी है। कई जगहों पर अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन एवं स्टेशन होगा, जिसका निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

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पटना मेट्रो का चल रहा निर्माण

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • पटना मेट्रो के दोनों कॉरिडोर के बीच चलेंगी 25-30 ट्रेनें
  • शहर के आसपास के 15-20 किमी तक हो सकता है मेट्रो का विस्तार
  • मेट्रो ट्रेन में इंजन के अलावा होंगी 3 बोगियां

Patna Metro Construction: अगले साल से पटना में पांच स्टेशनों के बीच मेट्रो चलने लगेगी। मेट्रो कॉरिडोर के तहत डिपो से सटे पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी एलिवेटेड स्टेशन पर मेट्रो संचालित की जाएगी। इन स्टेशनों के बीच मेट्रो शुरू करने के लिए भूतनाथ के पास दोनों पिलरों के बीच यू-गार्डर जोड़ने का काम चल रहा है। यह काम 26 जनवरी को शुरू किया गया था। बता दें फेज-वन के तहत दानापुर, सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, पाटलिपुत्र स्टेशन, रुकनपुरा, राजा बाजार, चिड़ियाघर, विकास भवन, विद्युत भवन, मीठापुर, रामकृष्णा नगर, जगनपुरा और खेमनीचक में मेट्रो स्टेशन निर्माण का काम चल रहा है।

फेज-2 के तहत पटना जंक्शन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, पटना विश्वविद्यालय, मोइनुल हक स्टेडियम, राजेंद्र नगर, मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और पाटलिपुत्र आईएसबीटी में मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन सभी इलाकों में मेट्रो का काम दिन-रात हो रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) द्वारा पटना मेट्रो का निर्माण किया जा रहा है।

पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के पास बन रहा डिपो

पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के पास पहाड़ी और रानीगंज मौजा में 30.5 हेक्टेयर जमीन पर डिपो बनाया जा रहा है। यहां 143 करोड़ रुपए से 19.2 हेक्टेयर में वर्कशॉप बन रहा। शेष 11.3 हेक्टेयर जमीन पर मेट्रो की संपत्ति का विकास करने के लिए व्यवासायिक केंद्र बनाया जाएगा। साल 2025 में डिपो के वर्कशॉप का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय है। इसमें दो वर्कशॉप, तीन इंस्पेक्शन-बे, आठ स्टैबलिंग-बे, वाशिंग प्लांट, स्क्रैप यार्ड, कंट्रोल रूम, रेल स्टोरेज, क्लीनिंग शेड, पिट व्हील लेथ, कैंटीन, टाइम एंड सिक्योरिटी ऑफिस, रेडियो टावर बनेगा।

डिपो में 66 मेट्रो ट्रेनों का होगा मेंटेनेंस

डिपो में 66 मेट्रो ट्रेनों का मेंटेनेंस हो सकेगा। मेट्रो के दोनों कॉरिडोर के बीच 25-30 ट्रेनें संचालित की जाएंगी। सरकार द्वारा निकटतम भविष्य में शहर के आसपास के 15-20 किलोमीटर तक मेट्रो का विस्तान किया जाएगा तो नया डिपो बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दोनों कॉरिडोर के बीच 32.497 किलोमीटर रेलवे ट्रैक और 12 एलिवेटेड एवं 12 अंडरग्राउंड स्टेशन रहेंगे। मेट्रो ट्रेन में इंजन के अतिरिक्त 3 बोगियां रहेंगी। तीनों बोगियों में 150 यात्री सफर कर सकेंगे। हर तीन मिनट पर यात्रियों को आवागमन करने के लिए मेट्रो मिल जाएगी।
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