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Patna News: दीघा-सोनपुर गंगा नदी पर बनेगा छह लेन पुल, ऊपर से गाड़ियां तो नीचे से निकलेंगे भारी जहाज

बिहार के दो जिलों पटना और सारण को जोड़ने वाला 4.5 किलोमीटर लंबा, 6-लेन पुल जल्द ही गंगा नदी पर बनेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 3,064.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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फाइल फोटो

पटना: बिहार को केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात से नवाजा है। मोदी सरकार ने बिहार को 6 लेन के नए केबल ब्रिज का तोहफा दिया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में इस अहम प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इस बड़ी परियोजना को नियत तिथि से 42 माह में पूरा करने का लक्ष्य है। इस विषय पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि बिहार में दीघा से सोनपुर जिले के बीच गंगा नदी पर 6 लेन केबल ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है। इसे 42 महीने में पूरा किया जाएगा। इसे बनाने में 3,064 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इतना ही नहीं इस पुल के नीचे से बड़े जहाज भी आसानी से आ जा सकेंगे।

3,064.45 करोड़ रुपये होंगे खर्च

पटना और सारण को जोड़ने वाले गंगा नदी पर 6-लेन उच्च स्तरीय केबल आधारित पुल (मौजूदा दीघा-सोनेपुर रेल-सह सड़क पुल के पश्चिमी किनारे के समानांतर) और पटना और सारण जिलों (एनएच-139डब्ल्यू) में दोनों तरफ इसके पहुंच मार्ग बिहार राज्य में ईपीसी मोड पर तैयार होगा। इस परियोजना का पूरा खर्च 3,064.45 करोड़ रुपये है, जिसमें 2,233.81 करोड़ रुपये की सिविल निर्माण लागत शामिल है। यह पुल यातायात को तेज और आसान बना देगा, जिसके परिणामस्वरूप राज्य, विशेषकर उत्तर बिहार का समग्र विकास और कनेक्टिविटी होगी।

आर्थिक क्षमता को बढ़ावा मिलेगा

पटना और गंगा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित सारण जिले में गंगा नदी का उत्तरी तट वर्तमान में केवल हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए एक रेलवे-सह सड़क पुल से जुड़ा हुआ है। इसलिए वर्तमान सड़क का उपयोग माल और वस्तुओं के परिवहन के लिए नहीं किया जा सकता है। इससे बड़े पैमाने पर व्यापार और आवागमन प्रभावित होता है। दोनों जिलों के बीच बनने वाले पुल से माल और वस्तुओं की आवाजाही को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

यहां से होगी कनेक्टिविटी

इसके अलावा यह पुल पटना से औरंगाबाद और सोनपुर (NH-31), छपरा, मोतिहारी (पूर्व-पश्चिम गलियारा पुराना NH-27), बेतिया (NH-727) में NH-139 के माध्यम से स्वर्णिम चतुर्भुज गलियारे तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके अलावा, NH-139W प्रसिद्ध अरेराज सोमेश्वर नाथ मंदिर और पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया में प्रस्तावित विराट रामायण मंदिर को कनेक्टिविटी प्रदान करता है। सरकार के अनुसार, परियोजना के प्रमुख प्रभाव में बिहार के उत्तर और दक्षिण बंदरगाहों के बीच तेज आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी शामिल है और यह पूरे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। इस परियोजना से कुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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