पटना

लौट रहा जंगलराज! बिहार के भोजपुर जिले में 12 दिनों के अंदर 10 मर्डर; JDU नेता का परिवार भी बना शिकार

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 14, 2022, 10:47 PM IST

बिहार में अपराधियों के हौंसले बुलंद नजर आ रहे हैं। हर दिन अपहरण, मर्डर और रेप की बात आम हो गई है। कई जिलों की हालत तो और बदतर होती दिख रही है। अकेले आरा में पिछले 12 दिनों में सात हत्याएं हो चुकी है। पुलिस सक्रिय है, लेकिन अपराधी बेलगाम ही हैं।

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आरा में 12 दिनों में सात की हत्या (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : iStock

बिहार (Bihar) के भोजपुर (Bhojpur) जिले में अपराधी पूरी तरह से बेलगाम होते दिख रहे हैं। अपराधियों के अंदर शायद ही अब कानून का डर बचा है। एक के बाद एक 10 हत्याएं पिछले 12 दिनों में हो चुकी है। अकेले जिला मुख्यालय आरा (Ara) में सात लोगों का मर्डर हो गया है। मरने वाले में आम आदमी से लेकर जदयू नेता के परिवार तक शामिल हैं।

इंस्पेक्टर सस्पेंड

इतनी हत्याएं होने के बाद अब पुलिस नींद से जागती दिख रही है। इलाके के एसपी से लेकर डीएम और डीआईजी तक सक्रिय हो गए हैं, सदर थाने के इंस्पेक्टर को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है, हालांकि कई अपराधी अभी भी बेखौफ हैं और पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

जदयू नेता के भाई पर हमला

आरा शहर में शनिवार को दुकान पर बैठे जदयू नेता के भाई और भतीजे को अपराधियों ने गोलियों से भून दिया। इस हमले में भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भाई का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस हत्याकांड को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है और वो प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं।

महीने की शुरूआत से हो रही हत्याएं

भोजपुर जिले में नवंबर महीने की शुरूआत से ही लगातार हत्याएं हो रही हैं। लोकल मीडिया के अनुसार 31 अक्टूबर से हत्याओं को सिलसिला शुरू हुआ था। सबसे पहले सिंगही मोहल्ला में मूर्ति विसर्जन के दौरान एक युवक की हत्या कर दी गई। इसके बाद दो चचेरे भाईयों को गोली मार दी गई। एक आभूषण व्यापारी का पहले अपहरण किया गया फिर उसकी हत्या कर दी गई। एक अन्य मामले में 120 रुपये के विवाद में भतीजे ने अपने ही चाचा की हत्या कर दी। सात नवंबर को एक रिटायर शिक्षक को गोली मारकर हत्या कर दी गई।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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