पटना

सासाराम रेलवे स्टेशन पर बेकाबू हो रही भीड़, महाकुंभ जाने के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर श्रद्धालु

बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर महाकुंभ जाने वाले यात्रियों की भीड़ बेकाबू होने लगी है। लोग जैसे-तैसे ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। कई लोग गेट पर लटककर यात्रा करने के लिए मजबूर है। स्थिति को देखते हुए कोई बड़ा हादसा न हो जाए, इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

Image

सासाराम रेलवे स्टेशन पर बेकाबू हो रही भीड़

महाकुंभ मेला अब अपने अंतिम सप्ताह में पहुंच गया है। महाकुंभ के अंतिम शाही स्नान में अब केवल 5 दिन का समय बाकी रह गया है। इस दौरान भारी संख्या में त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस समय देश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसी ही स्थिति बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर भी बनी हुई है। यहां भारी संख्या में श्रद्धालु अपनी जान को जोखिम में डालकर महाकुंभ जाने के लिए यात्रा कर रहे हैं।

जान-जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर लोग

महाकुंभ के स्नान के लिए जाने के लिए यात्री ट्रेन के गेट पर लटककर यात्रा करने को मजबूर है। ट्रेन आने की अनाउंसमेंट होते ही लोग ट्रैक पर कूद-कूदकर ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों के दिमाग में केवल एक ही बात है कि वह जैसे-तैसे प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पहुंचे। ताकी वह भी संगम घाट में आस्था का डुबकी लगा सकें।

भीड़ नियंत्रित करने में जुटी RPF और GRP

सासाराम रेलवे स्टेशन पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए यहां हादसे की आशंका बनी हुई है। स्टेशन परिसर में सुरक्षा के ठोस इंतजाम ने होने के कारण हादसा होने का खतरा है। स्थिति को देखते हुए और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन वाली स्थिति से बचने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) द्वारा लगातार भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। यात्री किसी भी तरह से ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article