पटना

Nalanda: कर्ज के तले दबे परिवार ने की सामूहिक आत्महत्या की कोशिश, 4 की मौत, एक गंभीर

नालंदा जिले में दुखद घटना हुई है। पावापुरी में एक परिवार के पांच सदस्यों ने कर्ज के बोझ के कारण जहरीला पदार्थ खा लिया। सभी को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज के दौरान चार सदस्यों की मृत्यु हो गई और एक हालत गंभीर बनी हुई है।

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कर्ज के बोझ तले दबे परिवार का खौफनाक कदम (तस्वीर साभार: iStock)

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Nalanda Family Suicide: बिहार के नालंदा जिले के राजगीर शहर में एक अत्यंत दुखद और सोचनीय घटना घटी है, जो आज के समाज में आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव के गंभीर प्रभावों को सामने लाती है। पावापुरी के जलमंदिर क्षेत्र एक परिवार ने जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक रूप से आत्महत्या का कदम उठा लिया। इस घटना में परिवार के चार लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक की हालत गंभीर है और वह अस्पताल में भर्ती है। शुक्रवार शाम एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद सभी को पास के भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (बिम्स) में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान चार लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि परिवार के मुखिया धर्मेंद्र कुमार की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी

मृतकों में मां रीता देवी (40 वर्ष), बेटियां एरिया राज (17 वर्ष) और सोनी कुमारी (16 वर्ष), तथा बेटा भोला कुमार (15 वर्ष) शामिल हैं। यह परिवार मूल रूप से शेखपुरा जिले के पुरनकामा गांव का रहने वाला था और पिछले छह महीने से पावापुरी के जलमंदिर इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। परिवार कपड़ों के छोटे कारोबार से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि कुछ समय से आर्थिक स्थिति खराब चल रही थी और परिवार पर करीब पांच लाख रुपये का कर्ज था।

छोटे बेटे से पुलिस कर रही है पूछताछ

परिवार का सबसे छोटा बेटा शिवम कुमार (11 वर्ष) इस आत्मघाती कदम में शामिल नहीं था। पुलिस फिलहाल उसकी काउंसलिंग कर रही है और उससे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के कारण को बेहतर तरीके से समझा जा सके। पुलिस का कहना है कि उसने परिवार को बेहोशी की हालत में पाया था और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद राजगीर के DSP सुनील कुमार और थाना प्रभारी मनीष भारद्वाज मौके पर पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी।

कर्ज लेने की बात आ रही सामने

पुलिस ने अभी तक घटना के पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच की जा रही है। DSP ने माना कि शुरुआती जांच में कर्ज लेने की बात सामने आई है। हालांकि अभी FIR दर्ज नहीं की गई है लेकिन यदि जांच में यह स्पष्ट होता है कि किसी साहूकार या व्यक्ति ने परिवार पर अवैध रूप से दबाव डाला, तो उनके विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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