पटना

बिहार में 7 लाख लोगों के नाम पर फर्जी सिम; जानें इस धोखाधड़ी से बचने का उपाय और कैसे रिपोर्ट करें

बिहार फर्जी तरीके से अन्य उपभोक्ताओं के नाम पर मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल के मामले में छठे नंबर पर है। बिहार में 7 लाख लोगों के नाम पर फर्जी सिम खरीदे गए हैं। कहीं आपके नाम से भी ऐसा ही गड़बड़झाला तो नहीं किया जा रहा। कैसे करें जांच, नीचे खबर में स्टेप बाई स्टेप जानें -

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कैसे जानें कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं (फोटो - Pixabay)

बिहार में इन दिनों SIR के मुद्दे पर खूब राजनीति हो रही है। लेकिन इस बीच आपके लिए डराने वाली खबर ये है कि राज्य में आप जैसे सात लाख लोगों के नाम पर फर्जी सिम कार्ड खरीदे गए हैं। आपके लिए चिंता की बात इसलिए है, क्योंकि हो सकता है आपके नाम से भी फर्जी तरीके से सिम कार्ड खरीदे गए हों। इसलिए जितनी जल्दी हो सके चेक करें और फर्जी सिम होने पर शिकायत दर्ज करवाएं। इस खबर में जानें कि आप अपने नाम पर दर्ज मोबाइल नंबरों की जांच कैसे कर सकते हैं।

राज्य में उपभोक्ताओं के नाम पर फर्जी सिम कार्ड खरीदने का मामला सामने आया है, जिसमें 7,00,979 उपभोक्ताओं के नाम का दुरुपयोग किया गया है। दूरसंचार विभाग के संचार साथी एप और पोर्टल पर 14 लाख, 30 हजार, 614 उपभोक्ताओं ने अपने नंबर की जांच के लिए आवेदन किया, जिसमें से 11 लाख, 84 हजार, 945 उपभोक्ताओं के नंबर की जांच की गई।

इस जांच में पता चला कि 6 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के नाम पर फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा, 2 लाख, 68 हजार, 211 उपभोक्ताओं ने कहा कि उन्हें संबंधित नंबर की अब आवश्यकता नहीं है और इसे बंद करने का अनुरोध किया।

मेरे नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन, ऐसे जांच करें

आप संचार साथी एप पर जाकर तो चेक कर ही सकते हैं। इसके अलावा संचार साथी की वेबसाइट पर यहां क्लिक करके नीचे बताए गए स्टेप्स के जरिए आप चेक कर सकते हैं।

  • सबसे पहले दी गई जगह पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें, काप्चा एंटर करें और वैलिडेशन के लिए OTP दर्ज करके सबमिट करें।
  • अगली स्क्रीन में आपके नाम पर दर्ज सभी फोन नंबरों की लिस्ट आ जाएगी। अगर आपके नाम से कोई ऐसा नंबर इश्यू किया गया है जो आपका नहीं है तो आपको यहां पत चल जाएगा।
  • अगर वह नंबर आपका नहीं है तो आप उस नंबर के आगे बने रेडियो बटन पर क्लिक करने के बाद सामने Not My Number पर क्लिक करके सबमिट कर सकते हैं। इससे यह नंबर आपके नाम से हट जाएगा। अगर आप नंबर बंद करना चाहते हैं और आपको उसकी जरूरत नहीं है तो Not Required पर क्लिक करके Report पर क्लिक कर सकते हैं।

बता दें बिहार फर्जी सिम कार्ड के मामले में देश में छठे स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पहले स्थान पर हैं। देशभर में 38 लाख, 17 हजार, 446 उपभोक्ताओं ने कहा कि उनके नाम पर सिम कार्ड है, लेकिन अब इसकी आवश्यकता नहीं है।

साइबर ठगी के इस मामले में झारखंड के देवघर से मुकेश महतो नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसने फर्जी पहचान पत्रों के जरिए सिम कार्ड जारी करने में मदद की थी। मुकेश महतो के पास से कई पहचान पत्र और आयुष्मान कार्ड भी मिले हैं। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं, जिसमें सुपौल से हर्षित कुमार का नाम शामिल है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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