पटना

बन गया डेंगू का टीका! पटना के इस अस्पताल में होगा वैक्सीन का टेस्ट

भारत में डेंगू की पहली देसी वैक्सीन 'डेंगू आल' को विकसित किया गया है। जिसका दो परीक्षण किया जा चुका है। अब इसका तीसरा परीक्षण इसी महीने किया जाना है।मनुष्यों पर इसके परीक्षण के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से अनुमति मिल चुकी है।

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इसी महीने होगा डेंगू वैक्सीन का तीसरा ट्रायल (सांकेतिक फोटो)

Dengue Vaccine Trial: भारत को चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिलने वाली है। देश को पहला स्वदेशी टीका विकसित किया गया है। इस टीके को सनोफी एबेंटिस कंपनी ने विकसित किया है, जिसका नाम 'डेंगू आल' है। इस वैक्सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की निगरानी में तैयार किया गया है। डेंगू आल टीके के दो परीक्षण पहले हो चुके हैं, अब इसका तीसरा परीक्षण किया जाना है। तीसरा परीक्षण इसी महीने पटना के अगमकुआं स्थित राजेंद्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान (RMRI) समेत देश के 20 केंद्रों पर एक साथ शुरू किया जाएगा।

पशुओं पर सफल रहा है परीक्षण

आरएमआरआइ के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडेय ने बताया कि इस वैक्सीन का पशुओं पर परीक्षण सफल रहा है। जिसके बाद अब मनुष्यों पर इसका परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से अनुमति मिल चुकी है। देश के करीब दस हजार लोगों पर टीके का ट्रायल किया जाएगा। इसके परीक्षण के बाद दो साल तक इसका प्रभाव देखा जाएगा। जिसके बाद इसे आमजन के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। डेंगू आल वैक्सीन की एक ही डोज डेंगू बीमारी से लड़ने के लिए पर्याप्त रहेगी।

अप्रैल में शुरू होना था तीसरा ट्रायल

निदेशक ने बताया कि डेंगू की इस वैक्सीन का तीसरा परीक्षण अप्रैल में शुरू होना था। लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसमें देरी हुई है। जिसके बाद अब यह ट्रायल इसी महीने यानी मई में शुरू होगा। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए अभी दो वैक्सीन भारत में उपलब्ध है। इनमें से एक वैक्सीन अमेरिका की डेंग्रेसिया और दूसरी ब्राजील की टेक003 है। डेंग्रेसिया वैक्सीन करीब 60 प्रतिशत प्रभावी है, वहीं ब्राजील की टेक003 करीब 70 प्रभावी है। उन्होंने बताया कि डेंगू के उपचार के लिए कोई सटीक दवा न होने के कारण वैक्सीन जरूरी है। इसका इलाज लक्षणों के आधार पर किया जाता है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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