पटना

'DNA टेस्ट से पता चला ब्राह्मण रसियन हैं, उन्हें भगा देना चाहिए...' लालू के नेता के विवादित बोल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 2, 2023, 02:21 PM IST

Bihar News: बिहार में राजद नेता ने कहा है कि एक भी ब्राह्मण इसे देश का नहीं है, वे सभी रूस से आए थे और यहां आकर वे हमें विभाजित करके शासन कर रहे हैं। उन्हें हमें मिलकर भगा देना चाहिए।

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राजद नेता यदुवंश यादव के विवादित बोल

Photo : ANI

Bihar News: बिहार में जब से राजद ने जदयू के साथ मिलकर सरकार बनाई है। तब से अपने नेताओं के बड़बोलेपन के कारण पार्टी को किरकिरी झेलनी पड़ी है। अब राजद नेता यदुवंश कुमार यादव का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए ब्राह्मणों के वजूद पर ही सवाल उठा दिए हैं।

यदुवंश कुमार ने सुपौल में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा है कि ब्राह्मण रसिया से आए थे। हमें उन्हें वहीं भगा देना चाहिए। अब उनके इस बयान पर सियासी तूफान खड़ा हो गया है। सत्ता में राजद की सहयोगी पार्टी जदयू ने भी यदुवंश यादव के बयान पर सवाल खड़े किए हैं। जयदू प्रवक्ता अभिषेक कुमार झा ने कहा हे कि राजद को ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, इस तरह की टिप्पणी महागठबंधन की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।

रूस से आए थे ब्राह्मण

राजद नेता यदुवंश यादव ने अपने बयान में कहा कि एक भी ब्राह्मण इस देश का नहीं है। वे रूस व अन्य यूरोपीय देशों से भारत आए। आज के वैज्ञानिक युग में उनके डीएनए का टेस्ट हुआ है। डीएनए परीक्षण में पता चलता है कि कोई भी ब्राह्मण इस देश का नहीं है और रूस से हैं और अब यहां बस गए हैं। ब्राह्मण हमें विभाजित करने और शासन करने की कोशिश कर रहे हैं। जिस तरह से ब्राह्मणों को रूस से भगाया गया था, वैसे हमें भी उनको भगा देना चाहिए।

पहले भी राजद नेता दे चुके हैं विवादित बयान

यह पहली बार नहीं है कि राजद नेताओं की ओर से कोई विवादित बयान दिया गया है। इससे पहले भी राजद नेता इस तरह के बयान दे चुके हैं। बता दें हाल ही में बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरित मानस को लेकर सवाल खड़े किए थे, जिसको लेकर काफी हंगामा मचा था।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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