Patna: बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी महागठबंधन की पहली बैठक गुरुवार को पटना में आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस, राजद, सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई माले और वीआईपी पार्टी के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने महागठबंधन और विशेष रूप से तेजस्वी यादव निशाना साधते हुए कहा कि जिस नेता का मुख्यमंत्री बनने का सपना था, उसे अब कोऑर्डिनेशन कमेटी में क्लर्क जैसी भूमिका दी गई है।
तेजस्वी यादव के कद को छोटा करने का किया दावा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि महागठबंधन ने अपनी पहली ही बैठक में तेजस्वी यादव के कद को छोटा कर दिया, जो यह दर्शाता है कि गठबंधन के भीतर असंतुलन है और कांग्रेस बहुत चालाकी से अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में लगी है।
"झोला टांगने वाली पार्टी" की तरह किसे ट्रीट किया गया?
दिलीप जायसवाल ने कहा कि अब तक कांग्रेस को "झोला टांगने वाली पार्टी" की तरह ट्रीट किया जाता था, लेकिन अब राहुल गांधी को इस बात का अहसास हो गया है कि अगर पार्टी ने अपनी रणनीति नहीं बदली तो बिहार में उसका पूरी तरह सफाया हो जाएगा। इसलिए कांग्रेस अब अपने हिसाब से महागठबंधन को दिशा देने की कोशिश कर रही है और यही कारण है कि तेजस्वी यादव जैसे नेता को पीछे धकेल कर खुद आगे आ रही है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का सबसे बड़ा दिन था। पहली बैठक में ही तेजस्वी को किनारे कर कांग्रेस ने अपनी मंशा साफ कर दी है।
बिहार दौरे पर आ रहे हैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
आगामी 24 अप्रैल को महागठबंधन की अगली बैठक प्रस्तावित है और इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी बिहार दौरे पर आ रहे हैं। इसे लेकर दिलीप जायसवाल ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दल अपने बड़े नेताओं को मैदान में उतारते हैं, यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि नेता आ रहे हैं, रैलियां हो रही हैं, बयानबाजी हो रही है, लेकिन जनता सब देख रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हर स्तर पर तैयार है और जनता को भ्रमित करने की विपक्ष की कोई भी रणनीति सफल नहीं होगी।
