Patna News: बिहार (Bihar) के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर (Chandrashekhar ) रामचरितमानस (Ramcharitmanas) पर दिए अपने विवादित बयान पर अड़े हुए हैं। अब उनके साथ पार्टी के कई नेता भी खड़े नजर आ रहे हैं। RJD के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) ने साफ कहा है कि चंद्रशेखर का बयान सही है हालांकि सीएम नीतीश कुमार अपने शिक्षा मंत्री के बयान से किनारा कर चुके हैं। जेडीयू नेता और बिहार सरकार के भवन निर्माण मंत्री मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि शिक्षा मंत्री अपना बयान वापस लें। हम उनके बयान की हम निंदा करते हैं।
बयान पर अड़े चंद्रशेखर
वहीं रामचरितमानस पर अपने दिए बयान पर बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, 'आप मुझे एक वीडियो दिखा दीजिए कि मैंने रामचरितमानस का विरोध किया है। मैंने केवल रामचरितमानस के कुछ छंद का विरोध किया है।' दरअसल शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने पटना में नालंदा ओपन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था।
आरजेडी ने भी किया किनारा
वहीं आरजेडी नेता और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा, 'मैं इस तरह से इत्तेफाक रखता हूं कि इसमें(रामायण) हीरा-मोती भी है और कूड़ा कचरा भी है। कूड़ा करकट बुहारने के चक्कर में हीरा मोती भी नहीं बुहार देना चाहिए और हीरा मोती खाने के चक्कर में कूड़ा करकट नहीं खा लेनी चाहिए। अगर इस तरह की बात करेंगे कि रामायण सिर्फ घृणा फैलाता है तो मैं व्यक्तिगत रूप से उस राय के साथ नहीं हूं।' वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर की एक अदालत में अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा और राजीव कुमार के अलावा गरीब नाथ मंदिर के महंत अभिषेक पाठक और स्थानीय हिंदू संगठन के नेता श्याम सुंदर ने मंत्री के खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं। भाजपा और इसके नेताओं ने मंत्री को उनके विवादित बयान को लेकर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है।
