शिवहर : बिहार शिक्षा विभाग में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। शिवहर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीपीओ) पर आरोप है कि उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि के लिए 1,57,081 रुपये की मांग की, जबकि मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक की जांच में केवल 46,273 रुपये के वास्तविक खर्च का पता चला। यह मामला तब उजागर हुआ जब 10 फरवरी 2023 को डीपीओ ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए प्रस्ताव भेजा।
हिंदुस्तान की खबर के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अधीक्षक ने जांच के बाद 1,10,808 रुपये की कटौती करते हुए केवल 46,273 रुपये की राशि को सही ठहराया। इसके बाद, शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
विशेष सचिव अनिल कुमार ने शिवहर के डीईओ से स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने यह भी जांच शुरू की है कि पहले भी चिकित्सा व्यय के नाम पर कितनी बार और कहां अधिक राशि की निकासी की गई है। इस मामले ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है, और यह माना जा रहा है कि चिकित्सा व्यय बढ़ा-चढ़ाकर लेने की यह एक पुरानी परंपरा है।
