पटना

चंद्रयान-3 की लैंडिग के सवाल पर नीतीश हुए भौचक, पास खड़े मंत्री से पूछा और बोले- अच्छी बात है ना, होने दीजिए

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 23, 2023, 03:49 PM IST

Bihar CM Nitish Kumar: चंद्रयान आज शाम ठीक 6 बजकर 4 मिनट पर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है। हालांकि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इससे अनजान दिखाई दिए।

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नीतीश कुमार

Photo : BCCL

Bihar CM Nitish Kumar: चांद पर भारत का तिरंगा लहराने में बस कुछ घंटे बाकी हैं। चंद्रयान आज शाम ठीक 6 बजकर 4 मिनट पर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। पूरी दुनिया इस ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रही है। देशभर में प्रार्थना और दुवाओं का दौर जारी है। इन सबके बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चंद्रयान-3 से अनजान दिखाई दिए।

दरअसल, आज देश के सबसे बड़े परीक्षा परिसर 'बापू परीक्षा परिसर' का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान जब वह मीडिया से बात कर रहे थे तो उनसे चंद्रयान-3 की लैंडिंग के बारे में सवाल किया गया। पहले तो नीतीश कुमार सवाल को समझ ही नहीं पाए और बाद में उन्होंने अपने पास में खड़े जदयू के मंत्री अशोक चौधरी से इस बारे में पूछताछ की।

अच्छी बात है ना, होनी दीजिए लैंडिंग

जदयू के मंत्री अशोक चौधरी ने बिहार सीएम नीतीश कुमार को चंद्रयान-3 के बारे में पूरी जानकारी दी। इसके बाद भी उनकी प्रतिक्रिया बिल्कुल सामान्य रही। मीडिया की ओर से चंद्रयान-3 की लैंडिंग को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने बस इतना ही कहा, 'अच्छी बात है ना, होने दीजिए'

पूरी दुनिया देखेगी लाइव प्रसारण

इसरो की ओर से चंद्रयान-3 की लैंडिंग का लाइव प्रसारण किया जाएगा। अंतरिक्ष एजेंसी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, शाम 5 बजकर 47 मिनट से लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और यह 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा पर लैंड करेगा। चंद्रयान की लैंडिंग का लाइव प्रसारण कई राज्यों में स्कूलों में भी दिखाया जाएगा। इसके लिए शाम को भी स्कूलों को खुला रखा गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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