बेतिया : पश्चिमी चम्पारण जिले के बगहा में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक साधु और उसकी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर शव गंडक नदी किनारे फेंक दिए गए। हत्यारों ने दोनों को तड़पा-तड़पा मौत के घाट उतारा है। शव देखने से पता चला है कि आरोपियों ने साधु के बाल उखाड़ कर बाद में बड़े पत्थर से सिर को कुचल दिया और महिला की आंखे फोड़ दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। सूचना के बाद स्थानीय थाने की पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या के कारणों का पता लगाने की बात कह रही है।
नदी के किनारे मिले शव
वारदात इंडो नेपाल सीमा से सटे वाल्मिकीनगर थाना अंतर्गत ठाड़ी रेता की बताई जा रही है, जहां गुरुवार को डबल मर्डर से सनसनी फैल गई है। रेता में गंडक नदी किनारे और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जंगल से सटे एक साधु और उसकी पत्नी की हत्या निर्मम तरीके से की गई है। बताया जा रहा है कि ये दोनों ठाड़ी गांव के रहने वाले थे और पिछले 5 वर्षों से रेता में गंडक नदी किनारे जंगल के बीच एक कुटिया बनाकर रहते थे। साथ ही दियारा की जमीन पर खेती कर पेट पालते थे। घटना वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के चूलभट्टा जंगल से तकरीबन 500 मीटर दूर रेता की है।
जानकारी के मुताबिक, 70 वर्षीय साधु बोधन महतो का शव नदी के बीच ठोकर पर पाया गया। वहीं, उनकी पत्नी भगवती देवी (65) का शव नदी किनारे जंगल क्षेत्र में पड़ा हुआ था। शव की स्थिति देख ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि बुजुर्ग साधु बोधन महतो को पहले लाठी डंडे से पीटा गया है और फिर उसके बाल उखाड़ लिए गए और बाद में पत्थर से चेहरे को कुचल दिया गया। वहीं, महिला के शव को देखने से प्रतीत हो रहा है कि हत्या कर उसकी दोनों आंखें फोड़ दी गईं।
घटना की जानकारी सुबह 10 के आसपास हुई, जब मछुआरे और किसान उस तरफ अपने काम के वास्ते पहुंचे। उन्होंने शव को देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की छानबीन में जुटी है।
