पटना देश के मेट्रो रेल मैप से जुड़ने वाला बिहार का पहला शहर है। कुछ ही समय पहले पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (PMRC) के प्रायोरिटी कॉरिडोर का उद्घाटन हुआ था। इस कॉरिडोर पर स्थित दो एलिवेटेड स्टेशन मलाही पकड़ी और खेमनीचक का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार मलाही पकड़ी और खेमनीचक दोनों स्टेशनों पर काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसी महीने इन दोनों स्टेशनों तक मेट्रो के संचालन का लक्ष्य भी रखा गया है। पटना मेट्रो के विस्तार की दिशा में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम होगा।
इस रूट पर चल रही मेट्रो
फिलहाल ब्लू लाइन के 3.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड प्रायोरिटी कॉरिडोर पर पाटलिपुत्र ISBT (नया बसअड्डा) से जीरो माइल होते हुए भूतनाथ तक पटना मेट्रो की सेवाएं संचालित हो रही हैं। इस रूट पर हर रोज औसतन 6000 से 10000 यात्री सफर का आनंद ले रहे हैं। अब इसी महीने भूतनाथ से आगे मलाही पकड़ी और खेमनीचक तक लगभग 2.7 किलोमीटर का नया सेक्शन जुड़ जाएगा। इस हिस्से पर मेट्रो का संचालन शुरू होने के साथ ही प्रायोरिटी कॉरिडोर की कुल लंबाई 6.5 किलोमीटर हो जाएगी, जिस पर पटनावासी मेट्रो सेवा का लाभ ले पाएंगे।
ट्रांसफार्मर हुआ चार्ज
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार दोनों स्टेशनों तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, खेमनीचक स्टेशन पर कुछ तकनीकी और फिनिशिंग कार्य अभी बचे हैं। जमीन की उपलब्धता और निर्माण कार्यक्रम में देरी के कारण यहां पर काम प्रभावित हुआ था। PMRC के एक अधिकारी ने बताया कि मलाही पकड़ी स्टेशन के ऑक्जिलरी सब-स्टेशन (ASS) कक्ष में ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक चार्ज कर दिया गया है। यही कक्ष स्टेशन की बिजली आपूर्ति को नियंत्रित करता है और हाई वोल्टेज बिजली को लाइट, पंखे, एस्केलेटर व अन्य सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए कम वोल्टेज में कनवर्ट करता है।
चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर ने किया इंस्पेक्शन
अधिकारी ने कहा कि ट्रांसफॉर्मर का चार्ज होना महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है, जिससे स्टेशन संचालन के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित व सुगम मेट्रो सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे पहले chief electrical inspector जगदीश कुमार ने PMRC और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की टीमों के साथ खेमनीचक से मलाही पकड़ी तक के सेक्शन के इंस्पेक्शन का काम पूरा किया था।
शहरी विकास एवं आवास विभाग के सचिव-सह-प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर. पुडकालकट्टी ने हाल ही में परियोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रगति, चुनौतियों और तय समय-सीमा पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समय पर परियोजना पूरा करने के निर्देश दिए।
बढ़ जाएगी प्रायोरिटी कॉरिडोर की लंबाई
प्रायोरिटी कॉरिडोर, कॉरिडोर-2 (नॉर्थ-साउथ) का हिस्सा है, जो ISBT को पटना जंक्शन से जोड़ेगा। इस कॉरिडोर का भूमिगत सेक्शन 2026 के अंत तक तैयार होने की संभावना है। इस सेक्शन के खुल जाने पर राजेंद्र नगर से मीन-उल हक स्टेडियम, पटना यूनिवर्सिटी, पीएमसीएच, गांधी मैदान और आकाशवाणी होते हुए पटना जंक्शन तक कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
