JNU Students Bail: पटियाला हाउस कोर्ट ने JNU के सभी प्रदर्शनकारी छात्रों को जमानत दे दी है। पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू (JNU) प्रदर्शन मामले में आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि सभी आरोपी अदालत में मौजूद हैं और वे जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने अदालत को आश्वासन देने की पेशकश की कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
एक अन्य वकील ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़े एक न्यायिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है।
छात्रों ने क्या बताया?
सुनवाई के दौरान एक छात्रा ने दावा किया कि चार से पांच सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने उसे भीड़ से घसीट लिया। उसके मुताबिक उसके हाथ पर चोट आई है और खून के थक्के बन गए हैं। आरोपियों की ओर से वकील ने कहा कि न्यायिक हिरासत नहीं दी जानी चाहिए।
एक आरोपी ने यह भी कहा कि यह गलत तरीके से प्रचारित किया गया कि वे इंडिया गेट जा रहे थे, जबकि वे शिक्षा मंत्रालय की ओर जा रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने किया खूब विरोध
दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था और प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का सहारा लिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार छात्रों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की की, जिसमें पुलिस अधिकारियों को भी चोटें आईं।
दिल्ली पुलिस ने यह भी दावा किया कि आरोपी पूर्व में भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं और बल प्रयोग कर चुके हैं। उनके खिलाफ पहले भी चार अलग अलग प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।
दिल्ली पुलिस ने दोहराया कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था, बल्कि हिंसक रूप ले लिया था।
अदालत को पुलिस ने बताया कि करीब 300 लोगों का जुलूस बिना अनुमति इंडिया गेट की ओर निकाला जा रहा था और इस दौरान बैरिकेड लगाए गए थे। पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया।
पटियाला हाउस कोर्ट का आदेश
पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू प्रदर्शन मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की। पुलिस का कहना था कि आरोपियों के दोबारा हिंसा का सहारा लेने की प्रबल आशंका है।
अदालत ने कहा कि पुलिस अधिकारियों पर हमला गंभीर मामला है और इसे शांतिपूर्ण विरोध के नाम पर अनुमति नहीं दी जा सकती।
हालांकि, अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि जिन धाराओं में मामले दर्ज हैं, उनमें अधिकतम सजा पांच वर्ष तक का प्रावधान है। साथ ही अदालत ने कहा कि आरोपी पेशेवर या आदतन अपराधी नहीं हैं।
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपियों को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। कहा कि मामले में आगे की जांच जारी रहेगी और आरोपी जांच में सहयोग करेंगे।
