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गुजरात में घुसपैठियों की धरपकड़, अहमदाबाद और सूरत से 500 अवैध प्रवासी हिरासत में

गृह मंत्रालय से मिले निर्देश के बाद गुजरात पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए करीब 557 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जो अवैध रूप से अहमदाबाद और सूरत में रह रहे थे। जल्द इनको डिपोर्ट करने की तैयारी है। फिलहाल पुलिस इनके पास से मिले फर्जी दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।

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गुजरात पुलिस ने घुसपैठियों पर की कार्रवाई

Photo : PTI

Ahemdabad News: पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। गृह मंत्रालय ने देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। इसी के मद्देनजर गुजरात पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गुजरात पुलिस ने घुसपैठियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद और सूरत में 557 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने चंडोला क्षेत्र में 457 घुसपैठियों को पकड़ा, जबकि सूरत पुलिस ने विभिन्न इलाकों में 100 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। इनसे पूछताछ की जा रही है और जल्द ही जांच प्रक्रिया पूरी करके मिले मिले निर्देशों के अनुसार डिपोर्ट किया जाएगा।

70 घुसपैठिए भेजे जा चुके हैं बांग्लादेश

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने बताया कि यह अभियान गृह राज्य मंत्री, डीजीपी और पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर चलाया गया। पहले की जांच में पकड़े गए 127 बांग्लादेशी नागरिकों में से 70 को डिपोर्ट किया जा चुका है।

चंडोला क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने महिला पुलिसकर्मियों की मदद से घेराबंदी कर यह कार्रवाई की। हिरासत में लिए गए लोगों के पास से फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बरामद हुए हैं।

सिंघल ने इसे अवैध घुसपैठ के खिलाफ बड़ी सफलता बताया और कहा कि सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके देश वापस भेजा जाएगा।

फर्जी दस्तावेजों की हो रही है जांच

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि ये दस्तावेज कैसे और किनके सहयोग से बनाए गए, साथ ही ये लोग भारत में कब और कैसे दाखिल हुए।

वहीं, सूरत पुलिस ने उधना, कतारगाम, महीधरपूरा, पांडेसरा, सलाबतपुर और लिम्बायत जैसे इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाकर 100 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने कई टीमों का गठन करके इन क्षेत्रों में छापेमारी की है। हिरासत में लिए गए लोग छोटे-मोटे कामधंधे करते हैं। उनके पास से बरामद फर्जी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इनमें से कई ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवाए हैं।

पुलिस अब इन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।

(इनपुट-आईएएनएस)

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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