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SIR को लेकर विपक्ष का मार्च, INDIA नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

दिल्ली के कश्मीरी गेट से शुरू हुए मार्च में कांग्रेस, राजद, CPI, CPI(M), CPI(ML), RSP, AIFB और तृणमूल कांग्रेस समेत कई दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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SIR को लेकर दिल्ली में सियासी विवाद और तेज

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी (SIR) को लेकर दिल्ली में सियासी विवाद और तेज हो गया है। इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विरोध मार्च निकालकर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। गठबंधन ने SIR प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने और हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की है।

कश्मीरी गेट से शुरू हुए मार्च में कांग्रेस, राजद, CPI, CPI(M), CPI(ML), RSP, AIFB और तृणमूल कांग्रेस समेत कई दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। नेताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

दावा है दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47,56,722 मतदाताओं के नाम हटाए गए

ज्ञापन में इंडिया गठबंधन ने दावा किया है कि दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47,56,722 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 32.78 प्रतिशत है। गठबंधन का यह भी आरोप है कि 33,12,919 नागरिकों को विसंगतियों से जुड़े नोटिस जारी किए गए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मताधिकार से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।

ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है

गठबंधन ने ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। साथ ही चुनावों को बैलेट पेपर से कराने और SIR प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग दोहराई है। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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