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अमृतसर में बड़ी डकैती, व्यवसायी के घर से एक करोड़ रुपये 3 किलो सोने की लूट; बंदूक लहराते भागे लुटेरे

अमृतसर के कोर्ट रोड पर चार नकाबपोश बदमाशों ने एक व्यापारी के घर करोड़ों की डकैती की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए हैं।

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अमृतसर में डकैती

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

मुख्य बातें

  • अमृतसर के कोर्ट रोड पर व्यापारी के घर करोड़ों की डकैती
  • पाश इलाके में बलेरो गाड़ी पर सवार होकर आए थे लुटेरे
  • लुटेरों ने बंदूक के बल पर घटना को दिया अंजाम
  • एक घंटे तक डकैती की वारदात को अंजाम देते रहे लुटेरे
  • परिवार को बंधक बनाकर पिटाई भी की

अमृतसर में लूटपाट की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन चोरी, छिनैती और लूट की घटनाएं सामने आ रही हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। लगातार हत्या और लूट की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। ताजा मामला बुधवार सुबह तड़के का है, जहां चार नकाबपोश लुटेरों ने कोर्ट रोड पर एक व्यवसायी के घर डकैती की घटना को अंजाम दिया।

बंदूक के बल पर लूट

पीड़ित परिवार ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे चार नकाबपोश लुटेरे उनके घर की दीवार फांदकर घर में घुस आए और पूरे परिवार को बंदूक के बल पर बंधक बना लिया। करीब एक घंटे तक लूट की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि एक करोड़ रुपये नकद और करीब तीन किलो सोना लूटने के बाद वे भाग निकले और अपना लाइसेंसी रिवॉल्वर भी अपने साथ ले गये।

CCTV कैमरे चेक कर रही पुलिस

चौकी क्षेत्र होने के बावजूद डकैती की घटना को अंजाम दिया गया है। लुटेरों ने परिवार पर भी हमला किया है। वहीं, लूट की वारदात को सुन पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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