ओडिशा के पुरी को मिली नई पहचान, नगरपालिका से नगर निगम में हुआ तब्दील
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Dec 31, 2025, 10:54 PM IST
Puri Municipal Corporation: लंबे इंतजार के बाद ओडिशा सरकार ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर पुरी शहर को नगरपालिका से नगर निगम में तब्दील कर दिया। इसके साथ ही भुवनेश्वर, कटक, ब्रह्मपुर, संबलपुर और राउरकेला के बाद पुरी राज्य का छठा ऐसा शहर बन गया है जिसे नगर निगम का दर्जा प्राप्त हुआ है।
ओडिशा का छठा नगर निगम बना पुरी (प्रतीकात्मक तस्वीर साभार: iStock)
Puri Municipal Corporation: लंबे इंतजार के बाद ओडिशा सरकार ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर पुरी शहर को नगरपालिका से नगर निगम में तब्दील कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, आवास और शहरी विकास विभाग द्वारा पुरी नगरपालिका को नगर निगम में तब्दील करने के संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है।
छठा नगर निगम बना पुरी
इसके साथ ही भुवनेश्वर, कटक, ब्रह्मपुर, संबलपुर और राउरकेला के बाद पुरी राज्य का छठा ऐसा शहर बन गया है जिसे नगर निगम का दर्जा प्राप्त हुआ है। जुलाई में मुख्यमंत्री मोहन माझी ने कहा था कि वह पुरी नगरपालिका को नगर निगम में तब्दील करेंगे।
इस कदम से पुरी के लोगों, तीर्थयात्रियों और आगंतुकों के लिए नागरिक सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और सेवाओं में सुधार होने की उम्मीद है, साथ ही शहर को तीर्थ केंद्रों और प्रमुख शहरी क्षेत्रों के लिए योजनाओं के तहत केंद्रीय सहायता प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी बताया कि नववर्ष के उपहार के रूप में राज्य सरकार ने चार कस्बों को अधिसूचित क्षेत्र परिषद (NAC) घोषित किया है।
पुरी में नए साल की धूम
पुरी में नव वर्ष का जश्न मनाने और भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने के लिए हजारों लोगों के उमड़ने पर बुधवार को सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। पुरी के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने बताया कि बुधवार रात और बृहस्पतिवार को 3.5 लाख से ज़्यादा लोगों के आने की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन ने नए साल के जश्न को सुरक्षित बनाने के लिए करीब 70 प्लाटून (2,100 जवान) तैनात किए हैं, 300 से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और समुद्र तट पर करीब 300 लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं।
जिले के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता क्योंकि इस साल की रथ यात्रा के दौरान बड़ी गड़बड़ियां हुई थीं।’’ उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर इंतज़ाम किए गए हैं क्योंकि कई भक्त नए साल की शुरुआत भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के दर्शन से करना चाहते हैं। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने कहा कि बृहस्पतिवार को सुबह दो बजे से मंदिर के द्वार भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे।
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