Noida Airport: नोएडावासियों को जून में डबल खुशखबरी मिलने वाली है। 15 जून को जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान भरने की तैयारी हो रही है। वहीं दूसरी ओर लोगों को आधुनिक और सस्ती पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा मिलने जा रही है। 15 जून से नोएडा में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने वाला है। पहले चरण में 100 ई-बसें सड़कों पर दौड़ेंगी, जिनमें 10 डबल-डेकर बसें भी शामिल है। इन बसों के शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद और जेवर एयरपोर्ट तक सफर पहले के मुकाबले अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
प्राधिकरण के अनुसार जून के पहले सप्ताह से बसों का ट्रायल शुरू हो जाएगा। वहीं 15 जून तक अधिकांश बसों का नियमित संचालन शुरू होने की संभावना है। बसों का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) करेगा। यात्रियों के लिए किराया भी किफायती रखा गया है। प्राधिकरण का अनुमान है कि इस नई बस सेवा से करीब 2 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा और नोएडा में ट्रैफिक व प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह के मुताबिक, इस सप्ताह यूपी रोडवेज के साथ एमओयू (MoU) साइन होने के बाद इस परियोजना को हरी झंडी मिल जाएगी।
बसों के रूट्स, दिल्ली और गाजियाबाद भी जुड़ेंगे
यह ई-बस सेवा नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के आपसी समन्वय से संचालित होगी। इसके लिए 5 रूट्स तय किए गए हैं:
रूट 1: सेक्टर-90 (डिपो) और बॉटेनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा के किसान चौक और एक मूर्ति तक।
रूट 2: सेक्टर-90 (डिपो) और बॉटेनिकल गार्डन से सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर तक।
रूट 3: डिपो से बॉटेनिकल गार्डन होते हुए नोएडा सेक्टर-62 (अंतिम बिंदु) तक।
रूट 4: डिपो से बॉटेनिकल गार्डन होकर फेज-2 नोएडा होते हुए सूरजपुर कलेक्ट्रेट (ग्रेटर नोएडा) तक।
कनेक्टिविटी रूट्स: इसके अलावा ये बसें दिल्ली के सराय काले खां, आनंद विहार और गाजियाबाद आईएसबीटी (ISBT) तक की यात्रा भी करेंगी सफर भी तय करेंगी।
डबल-डेकर का रूट: डबल-डेकर बसों के संचालन का अलग रूट तय किया गया है। इन्हें बॉटेनिकल गार्डन से होकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते परी चौक तक चलाया जाएगा।
कितना रहेगा बस का किराया
यात्रियों की जेब का ख्याल रखते हुए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के तहत इन बसों का न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये तय किया गया है। हर रूट पर 15-15 मिनट के अंतराल में बसें उपलब्ध होंगी और पांच बसें रिजर्व में रखी जाएंगी। सफर को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए एक विशेष मोबाइल ऐप को लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा लोग बस के अंदर कंडक्टर से भी टिकट ले सकेंगे। जिन रूटों पर इन ई-बसों का संचालन होगा, वहां से ई-रिक्शें हटाए जाएंगे। जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या न हो और लोग इन बसों का लाभ उठा सकें।
रोजगार के अवसर
इस इलेक्ट्रिक बस सेवा से रोजाना लगभग 2 लाख यात्रियों को सीधा फायदा होने की उम्मीद है। बस संचालन के लिए पहले चरण में ड्राइवरों और कंडक्टरों सहित करीब 300 कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
इलेक्ट्रिक बसों का चार्जिंग हब
नोएडा के सेक्टर-90 डिपो में मुख्य हब का निर्माण किया जा रहा है, जहां 20 चार्जिंग स्टेशनों पर एक साथ 50 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इसके अलावा बॉटेनिकल गार्डन पर 4 वैकल्पिक चार्जिंग पॉइंट भी उपलब्ध होंगे।
