Noida News: नोएडा पुलिस ने अप्रैल महीने में हुए हिंसक श्रमिक आंदोलन और आगजनी की घटनाओं के मुख्य आरोपियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर ने इस मामले के दो मुख्य आरोपियों, सत्यम वर्मा और आकृति, के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस हिंसा के पीछे न केवल स्थानीय उकसावा था, बल्कि बड़े पैमाने पर विदेशी फंडिंग के तार भी जुड़े हुए हैं।
विदेशी मुद्रा में आया करोड़ से अधिक का फंड
पुलिस की मीडिया सेल द्वारा जारी बयान के अनुसार, मुख्य आरोपी सत्यम वर्मा के निजी बैंक खाते की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला कि सत्यम के खाते में विभिन्न देशों से डॉलर, पाउंड और यूरो के रूप में 1 करोड़ रुपयों से अधिक की राशि जमा की गई थी। आरोपी ने इस रकम को प्राप्त होते ही तुरंत अपने अन्य व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया था। पुलिस अब इन ट्रांजैक्शन की बारीकी से स्क्रूटनी कर रही है ताकि फंडिंग के असल स्रोत और उद्देश्य का पता लगाया जा सके।
सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 13 अप्रैल को नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में हुए श्रमिक विरोध प्रदर्शन के दौरान सत्यम वर्मा और आकृति ने भीड़ को भड़काने और हिंसा फैलाने में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। इस आंदोलन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, आगजनी की गई और यातायात बाधित कर अराजकता फैलाई गई। व्यवस्था में बाधा डालने और शांति भंग करने के गंभीर आरोपों के आधार पर ही पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ NSA लगाने का निर्णय लिया है।
कई संगठनों से जुड़े हैं तार
जांच में यह भी सामने आया है कि सत्यम वर्मा 'मजदूर बिगुल दस्ता' जैसे कई संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। पुलिस इन संगठनों की कार्यप्रणाली और उनकी संदिग्ध गतिविधियों की भी गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस श्रमिक आंदोलन की आड़ में एक सुनियोजित साजिश रची गई थी, जिसका उद्देश्य शहर की शांति और व्यवस्था को अस्थिर करना था। गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी सार्वजनिक शांति को भंग करने या हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
