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महाराष्ट्र में खुले खाने के तेल की बिक्री पर पूरी तरह रोक! FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे का बड़ा फैसला, दिए कड़े निर्देश

Maharashtra News: महाराष्ट्र में 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के तहत एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने खुले खाद्य तेल की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने पर उम्रकैद और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे

Photo : ANI

Maharashtra News: महाराष्ट्र में खाद्य तेल व्यापार में सुरक्षा और मानकों के गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि राज्यभर में खुले और बिना पैक किए हुए खाद्य तेल की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। राज्य में चलाए जा रहे "सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र" अभियान के तहत खाद्य तेल निर्माण, पैकेजिंग, परिवहन से लेकर खुदरा बिक्री तक की पूरी सप्लाई चेन के लिए नया कंप्लायंस ऑर्डर जारी कर दिया गया है।

पिछले साल जांचे गए नमूनों में मिले कई गंभीर उल्लंघन

कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने बताया कि राज्य में 1,247 खाद्य तेल नमूनों की जांच के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गईं। इनमें से 77 नमूने मानक से कम पाए गए। 13 नमूने पूरी तरह असुरक्षित पाए गए, 15 नमूने मिसब्रांडेड घोषित किए गए। इस जांच अभियान के दौरान लगभग 3.20 लाख किलोग्राम असुरक्षित खाद्य तेल भी जब्त किया गया।

FDA के इस सख्त फैसले के 3 मुख्य कारण

FDA कमिश्नर के अनुसार, बाजार में खुले और घटिया तेल की बिक्री से आम जनता की सेहत को गंभीर खतरे पैदा हो रहे थे। बिना लेबल और बैच नंबर के मिलने वाले खुले तेल का सोर्स ट्रैक करना असंभव होता है। हवा और रोशनी के संपर्क में आकर यह जल्दी खराब होता है। इसमें आर्जेमोन या मिनरल ऑयल की मिलावट से एपिडेमिक ड्रॉप्सी (Epidemic Dropsy) जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है, जिससे हार्ट फेलियर, ग्लूकोमा और मृत्यु तक हो सकती है।

पेंट या ग्रीस के रसायनों वाले डिब्बों तथा जंग लगे सिंगल-यूज टिन के डिब्बों के उपयोग से मैटेलिक प्रदूषण होता है। इससे तेल में घुलने वाला लेड बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को भारी नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा तलने के लिए तेल को बार-बार गरम करने से हानिकारक टोटल पोलर कंपाउंड्स (TPC) बनते हैं। नए तेल में TPC का स्तर 15% से कम होना चाहिए, और इस्तेमाल किए गए तेल में 25% से अधिक नहीं होना चाहिए। 25% से अधिक TPC वाला तेल कैंसर, हाइपरटेंशन, लिवर और किडनी की गंभीर बीमारियों का कारण बनता है।

नियमों के उल्लंघन पर कड़े दंड और सजा का प्रावधान

खाद्य सुरक्षा कानून के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। असुरक्षित भोजन बेचने या उपलब्ध कराने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 59 के तहत उम्रकैद तक की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बिना लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य कारोबार संचालित करने पर 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। मिलावटी पदार्थ रखने और भ्रामक विज्ञापन करने पर भी 10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, मानक से कम खाद्य तेल बेचने पर 5 लाख तक और मिसब्रांडेड तेल बेचने पर 3 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

रिटेलर्स और कंपनियों के लिए नए निर्देश

पूरी सप्लाई चेन पर लागू: यह आदेश तेल के निकालने, प्रोसेसिंग, ट्रांसपोर्टेशन से लेकर बाजार में रिटेल बिक्री तक लागू रहेगा। अब केवल सही तरीके से लेबल की गई और सीलबंद पैकेजिंग ही बेची जा सकेगी। यदि सील टूटी या संदिग्ध पाई जाती है, तो रिटेलर को खेप रिजेक्ट करनी होगी, अन्यथा उन पर भी सीधी कार्रवाई होगी। खाद्य तेल व्यवसाय में शामिल कंपनियों के पास तय मानकों के अनुसार 8 से 9 अलग-अलग लाइसेंस होना अनिवार्य है।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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