Yamuna Pushta Road: नोएडा में दिल्ली सीमा के पास कालिंदी कुंज बैराज से सेक्टर 94 से 150 तक फैले यमुना पुश्ता रोड की किस्मत चमकने वाली है। अगर सब कुछ सही रहा तो इस 30KM लंबी सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का टैग मिल जायेगा। नोएडा प्राधिकरण ने इस संदर्भ में यूपी सरकार को एक रिपोर्ट भेजकर इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की है। अगर सरकार ने इसकी अनुमति दे दी तो फिर इस सड़क की देखरेख की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ले सकता है, जिसके बाद साल 2015 के अप्रैल माह से इसे बनाने का काम शुरू किया जाएगा।
नए एक्सप्रेसवे के रूप में होगा डेवलप
बता दें कि नोएडा अथॉरिटी ने यूपी सरकार से दिल्ली सीमा के पास कालिंदी कुंज बैराज पर सेक्टर 94 से सेक्टर 150 तक फैले यमुना पुश्ता रोड के 30km लंबे हिस्से को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का प्रस्ताव रखा है। नोएडा का यह खंड एक्सप्रेसवे के समानांतर चलता है, जो परी चौक के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। जिसे बढ़ती कॉर्पोरेट और आने वाले नोएडा नेशनल हाईवे की वजह से यातायात में वृद्धि के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए नए एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित करने के लिए पत्र लिखा है।
NHI लेगी निर्माण की जिम्मेदारी
लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर इसे बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। पत्र में नोएडा प्राधिकरण ने इस बात पर जोर दिया कि एक बार राष्ट्रीय राजमार्ग का टैग मिल जाने के बाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHI) उस सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी ले सकता है। वर्तमान में इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। पहले एनएचएआई फरवरी में प्रक्रिया देरी का हवाला देते हुए इस परियोजना से पीछे हट गया था। किसी सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए, राज्य और केंद्र सरकार से कई अनुमोदन की आवश्यकता होती है, जो एक लंबा प्रोसेस है। पुश्ता रोड को 2014 में जनता के लिए खोला गया था। लेकिन, अब 11km लंबे हिस्से में उबड़-खाबड़ जगहें और गड्ढे हो गए हैं,जो आने वाले समय में इस राह से जाने वाले वाहनों और लोगों के लिए खतरा बन सकता है।
रोजाना 5 लाख वाहनों की आवाजाही
साल 2023 में नोएडा प्राधिकरण ने व्यस्त नोएडा एक्सप्रेसवे पर भीड़ को कम करने के लिए पुश्ता रोड को एक बाईपास के रूप में डेवलप करने का प्रस्ताव रखा था,जहां से अब रोजाना अनुमानित 5 लाख वाहनों का आना-जाना होता है। लगभग दो लाख जो डीएनडी से स्पीडवे में एंटर करते हैं, वहीं एक लाख चिल्ला सीमा, कालिंदी कुंज से एंट्री लेते हैं और अन्य बिंदु जैसे सेक्टर 15, 16, 18, और 37 की ओर जाते हैं। एलिवेटेड रोड के निर्माण की लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत लगने का अनुमान था, जबकि मौजूदा सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण पर 400-500 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना थी।
अब इन जगहों का सफर होगा आसान
जिसके बाद इसके यमुना एक्सप्रेस वे से होते हुए सेक्टर- 150 के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। अगर एलिवेटेड बनाया गया तो 6 लेन का बनेगा। इसके अलावा धरातल पर 8 लेन का होगा। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि योजना को आगे बढ़ाते हुए इसको राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाए जाने का प्रयास है। जिससे दिल्ली से आगरा तक का सफर आसान होगा दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तरफ से आकर नोएडा होते हुए इस नए एक्सप्रेसवे से बिना किसी रूकावट और परेशानी से लोग यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगे। यहां से आगरा, लखनऊ समेत अन्य स्थानों की ओर का सफर आसान हो जाएगा।
8 लेन सड़क 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर
इस खंड को आठ-लेन सड़क, या छह-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। पिछले साल नवंबर में, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने व्यवहार्यता अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त सीईओ संजय खत्री के तहत एक समिति का गठन किया गया था। इसके साथ ही सिंचाई विभाग और एनएचएआई के साथ काम करने वाली समिति ने इसे लेकर एक रिपोर्ट पेश की है। जिसमें ऊंचे सड़क खंड, भूमि उपलब्धता, शामिल क्षेत्रों और ट्रैफिक जैसे पहलुओं को शामिल किया गया।
नोएडा में नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी
यमुना पुश्ता रोड को ओखला बैराज से लेकर हिंडन-यमुना के बीच से यमुना एक्सप्रेसवे तक बनाया जाएगा। इसमें पूरे 6 लेन का एलिवेटेड या 8 लेन का धरातल पर एक्सप्रेसवे बनेगा। पद रिक्त होने से आ नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में यहां पर लोगों को लंबे जाम में फंसना पड़ सकता है। इसके अलावा कार्बन उत्सर्जन से वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। इसको देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने एक नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी की है। यह नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के विकल्प के रूप में बनेगा। अधिकारियों के अनुसार इसको महामाया फ्लाईओवर और कालिंदी कुंज के बीच से ओखला बैराज से जोड़ा जाएगा।
