नोएडा में रिटायर्ड इंजीनियर से ₹71 लाख की ठगी (सिंबॉलिक फोटो: Canva)
Noida Cyber Fraud: नोएडा में साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में निवेश से भारी मुनाफे का लालच देकर एक सेवानिवृत्त इंजीनियर से 71 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस ने एक महिला ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) शैव्या गोयल के अनुसार, सेक्टर-78 निवासी 80 वर्षीय राकेश जैन ने शिकायत में बताया कि इसी साल 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर उनकी पहचान पूजा नाम की एक महिला से हुई। जल्द ही दोनों के बीच व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू हो गई। पूजा ने राकेश को शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह दी और दावा किया कि उसके बताए तरीके से निवेश करने पर कुछ ही समय में रकम दो से तीन गुना तक बढ़ सकती है। इसी झांसे में आकर राकेश ने निवेश किया, जिसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ा।
इसी दौरान, जब सेवानिवृत्त इंजीनियर निवेश करने को लेकर सोच-विचार कर रहे थे, तो पूजा ने उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल कर लिया। उस ग्रुप में राकेश जैन को शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाने लगी। अपर पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) ने बताया कि ठगों ने जैन से ‘फायर्स एसएनआई’ नामक एक ऐप डाउनलोड करवाया, जो बेंगलुरु स्थित ब्रोकरेज कंपनी ‘फायर्स सिक्योरिटी’ के नाम से काफी मिलता-जुलता था। चूंकि जैन पहले से इस कंपनी के नाम से परिचित थे, इसलिए उन्होंने बिना शक किए महिला की बातों पर भरोसा कर लिया। ऐप में कुछ शर्तें और नियम दिए गए थे, जिनमें ईपीओ में निवेश करने पर छूट का उल्लेख था। पुलिस के अनुसार, इसी रियायत के लालच में जैन ने कुछ आईपीओ में निवेश करना शुरू कर दिया और ठगों के जाल में फंस गए।
शुरुआती निवेश में सेवानिवृत्त इंजीनियर को लाभ हुआ, और उन्हें मुनाफे सहित राशि निकालने की भी अनुमति दी गई। इससे राकेश जैन को विश्वास हो गया कि उनका पैसा सही तरीके से निवेश किया जा रहा है। इसी भरोसे में आकर उन्होंने करीब 10 से अधिक बार में कुल 71 लाख रुपये निवेश कर दिए। कुछ समय बाद जब जैन को पैसों की जरूरत पड़ी, तो उन्होंने अपनी रकम मुनाफे सहित निकालने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, ठगों ने पहले उन्हें ऋण भी दिया था और बाद में यह कहकर रकम रोक दी कि विभिन्न करों और ऋण के ब्याज का भुगतान करने के बाद ही पैसे निकाले जा सकेंगे। जब जैन ने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे, तो ठगों ने उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया और पूजा का नंबर भी बंद हो गया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
(इनपुट - भाषा)