Noida News: नोएडा की कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने ऑनलाइन डील कर नकली आईफोन बेचने वाले गिरोह का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से 60 नकली आईफोन बरामद किए गए हैं। आरोपियों के पास से 4.50 लाख रुपए नकद और एक कार भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेक्टर-143 निवासी ललित, वाराणसी निवासी अभिषेक कुमार और छपरौली निवासी रजनीश के रूप में की गई है। गिरोह का मुख्य सरगना ललित फर्जी अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के मामले में भी वांछित चल रहा है। पुलिस इस गिरोह के अन्य आरोपियों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
बता दें कि, नोएडा सेंट्रल जोन के एडीसीपी साद मियां खान के अनुसार, कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस की टीम ने नकली चाइना मेड आईफोन को असली बताकर बेचने वाले गिरोह के तीन ठगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी एक चाइनीज वेबसाइट से असली आईफोन के स्टीकर और डब्बे खरीदकर इसमें नकली आईफोन पैक कर बेचा करते थे। बहलोलपुर अंडरपास के पास से गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड पर फर्जी फर्म रजिस्टर्ड करवाकर चाइना मेड नकली आईफोन बेचा करते थे।
गिरोह का सरगना पहले से है वांछित
मिली जानकारी के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि, आरोपी सस्ते दामों में दिल्ली से नकली आईफोन लाते थे। इसके बाद उस पर स्टीकर लगाकर और डब्बे में पैककर असली आईफोन-13 के दाम पर बेच देते थे। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि, आरोपी अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। एसीपी अब्दुल कादिर के अनुसार, गिरोह का सरगना ललित फर्जी अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के मामले में वांछित चल रहा है। कुछ महीने पहले पुलिस ने एक फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज गिरोह को पकड़ा था। जहां केंद्र सरकार की अनुमति के बगैर ही अंतरराष्ट्रीय कॉल को लोकल कॉल में बदलकर बात कराई जा रही थी।
ऑनलाइन साइटों से करते थे ऑफर
जानकारी के लिए बता दें कि, पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि, वह चाइना मेड आईफोन 12 हजार में खरीदा करते थे। जिसकी पैकिंग पर साढ़े पांच हजार रुपए खर्च किया (4500 रुपए का डिब्बा व एक हजार का स्टीकर) करते थे। कुल 17,500 रुपए खर्च करने के बाद उसे ऑनलाइन साइटों पर ऑफर के नाम पर 53 हजार रुपए में बेचा करते था। जबकि इस असली आईफोन की कीमत लगभग 66 हजार रुपए बताई जा रही है। आरोपी जो स्टीकर ऑनलाइन मंगवाते थे उसे एप के माध्यम से स्कैन करके असली आईएमईआई टैग कर दिया करते थे।
