नोएडा

सावधान! नोएडा- ग्रेटर नोएडा में घी, पनीर, दूध मसाले से लेकर अनाज तक सब में मिलावट; बंद पानी की बोतलें भी शुद्ध नहीं

नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बाजारों में अब दूध-पनीर से लेकर दाल-अनाज तक में मिलावट होने लगी है। इस साल के सात महीनों में हुई 142 अगल-अलग खाद्य पदार्थों की प्राप्त 128 रिपोर्ट में 45% नमूने फेल पाए गए हैं। 90 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है। वहीं 4 पर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। लोग फर्जी स्टीकर चिपका कर नकली सामान बेच रहे हैं-

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ग्रेटर नोएडा में खाद्य पदार्थों में मिलावट (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • नोएडा- ग्रेटर नोएडा के खाद्य पदार्थों में मिलावट
  • 128 रिपोर्ट में 45% नमूने फेल
  • 90 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी

Greater Noida: दूध-पनीर और दाल-अनाज को हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। बीमार व्यक्ति को ये चीजें खाने में ज्यादा मात्रा में दी जाती है ताकि उसे फायदा मिले और वह जल्दी से ठीक हो सके। लेकिन, अब इन चीजों में भी मिलावट होने लगी है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मार्केट में दूध-पनीर और खोए से लेकर दाल-अनाज तक में मिलावट का खेल खेला जा रहा है। इस बात की पुष्टि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की रिपोर्ट कर रही है। इस साल सात महीने में हुई 142 अगल-अलग खाद्य पदार्थों की प्राप्त 128 रिपोर्ट में 58 यानी की 45% नमूने फेल पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक जिन बंद पानी की बोतलों को हम खरीदकर पीते हैं, वो भी शुद्ध नहीं मिल रहा है। यानी कि रोजाना के लाइफ में इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीजें अनाज, दाल, घी और पानी में भी मिलावट आ रही है। इन मिलावटी खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल से पेट से संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं।

मिलावट को लेकर 90 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी

इस बारे में जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 2024-25 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम खाद्य पदार्थों की दुकानों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में 90 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई थी। अलग-अलग खाद्य पदार्थों के लिए 142 नमूने इकट्ठे किए गए, जिनमें से 128 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट में 58 नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। यह प्राप्त रिपोर्ट का 45% है।

4 प्रतिष्ठानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

खास बात यह है कि खोया, घी, बटर, अनाज, दाल, बोतल बंद पानी और नमकीन की जितनी भी रिपोर्ट सामने आई हैं। उनके नमूने फेल मिले हैं। मिलावट के मामले में चार प्रतिष्ठानों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा भी दायर कराया गया है। वहीं इस मामले को लेकर सुरक्षा और औषधि प्रशासन के सर्वेश कुमार का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के अलावा मिस ब्रांडिंग की शिकायतें भी मिल रही हैं।

फर्जी स्टीकर चिपका कर नकली समानों की बिक्री

अक्सर लोग फर्जी स्टीकर चिपका कर नकली सामान बेच रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग ने तैयारी कर ली है, जिस वजह से अनाज , दाल के कारण लोगों को पानी के बंद बोतल में भी लोगों को मिलावट मिल रही है। जिसका असर लोगों के हेल्थ पर पड़ता है। इन मिलावटी सामानों में वह चीजें शामिल है, जो रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामान हैं।

पदार्थनमूने रिपोर्ट फेल
अनाज 16 16 16
धी 05 05 05
दूध 16 0805
मसाले 18 07 04
पनीर 20 08 05
मिठाई 07 06 02
नमकीन 02 02 02
खोया 03 01 01
बटर 01 01 01
दाल 01 01 01
आंतों में सूजन और गैस की परेशानी

डॉक्टोरों के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों से आंतों में संक्रमण फैलता है। इतना ही नहीं, कई मिलावटी चीजों के इस्तेमाल से कैंसर तक का खतरा होता है। इन खाद्य पदार्थों को खाने से पेट लंबे समय के लिए खराब हो सकता है। इसके अलावा इनका इस्तेमाल करने पर भूख नहीं लगती और आंतों में सूजन का खतरा होता है। इसके साथ ही यह पाचन तंत्र में गड़बड़ी पैदा करता है, जिससे गैस का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा भी इसको खाने से शरीर पर कई घातक प्रभाव देखे जा सकते हैं।

2118 प्रतिष्ठानों की जांच की गई

पिछले साल 2023-24 में 41% नमूने फेल हो गए थे। परीक्षण टीम ने साल भर में 2118 प्रतिष्ठानों की जांच की। जिनमें 84 जगहों पर छापेमारी किए और 400 के करीब नमूने एकत्र किए गए। । अब तक इनमें 350 रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें से 144 नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। विभाग ने 6 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा भी दायर कराया है। पिछले साल भी खोया, पनीर, बटर और अनाज और दाल के नमूने सबसे अधिक फेल हुए थे।

Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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