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Noida News: नोएडा-ग्रेनो के बीच जल्द फर्राटा भरेंगी 100 ई बसें, देर रात तक मिलेगा सफर का मजा

नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा-ग्रेनो के बीच 100 ई-बसें चलाने की कवायद तेज कर दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले दो-तीन महीने में बसें फर्राटा भरने लगेंगी।

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नोएडा-ग्रेनो के बीच जल्द फर्राटा भरेंगी 100 ई बसें

Photo : ANI

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। खासकर, उन लोगों को राहत मिलने वाली है, जो रोजाना पब्लिक वाहनों से आना जाना करते हैं। दरअसल, नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा-ग्रेनो के बीच 100 ई-बसें चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। 10 दिन के अंदर बसें चलाने के लिए आरएफपी जारी कर दी जाएगी। प्राधिकरण के सलाहकार कंपनी इसको बना रही है। अगले दो-तीन महीने में बसें चलने की उम्म्मीद है। फिलहाल, यहां मिडी बसें चलाई जाएंगी।

प्रधानमंत्री ई-बस योजना

आपको बता दें कि ये बसें प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत चलाई जाएंगी। अभी नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कोई सिटी बस सेवा नहीं चल रही है। यहां रोडवेज की बसें कुछ रूट पर संचालित होती हैं। मार्च 2020 तक नोएडा-ग्रेनो के बीच नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) की तरफ से 50 एसी बसें चलाई जा रही थीं, जो अब बंद हो चुकी हैं। ऐसे में अब इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। इन बसों को चलाने के लिए सेक्टर-90 में डिपो बनाया जाएगा। पहले यहां पर एनएमआरसी का डिपो था। ये बसें सेक्टर-82 स्थित सिटी बस टर्मिनल से चलाई जाएंगी।

पीपीपी मॉडल

यह बसें पीपीपी मॉडल पर चलाई जाएंगी। देश के 169 शहरों में 10 हजार बसें चलाने की तैयारी हैं, जिनमें नोएडा भी शामिल है। ई-बसों के हिसाब से 69 जगह ईवी चार्जर स्थापित किए जा चुके हैं, जिसमें से 32 चार्जर काम कर रहे हैं। इन जगह एक साथ 84 वाहनों का चार्ज करने की क्षमता है। हालांकि, बसों के डिपो और बस टर्मिनल, दोनों जगह चार्जिंग स्टेशन की भी सुविधा दी जाएगी। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारीयों ने बताया कि बसें चलाने के लिए आरएफपी तैयार कर अगले 10-15 दिन में जारी कर दी जाएगी। सिटी बस का संचालन सुबह पांच से रात 11 बजे तक होगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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