Noida Latest News: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश (यूपी) के नोएडा में एक शख्स ने फर्जी लेखा अधिकारी बन कर करोड़ों रुपए की ठगी कर ली। नोएडा प्राधिकरण से जुड़ा यह मामला जब पुलिस और बाकी लोगों के सामने आया तो वे भी दंग रह गए। हालांकि, शुक्रवार (सात जुलाई, 2023) को पुलिस ने इस मोटी ठगी से जुड़े मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान अब्दुल खादर के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पुडुचेरी का रहने वाला है। आरोप है कि उसने खुद को नोएडा प्राधिकरण का लेखा अधिकारी दर्शाया था। यही झांसा देते हुए उसने बैंक खातों से तीन करोड़ 80 लाख रुपए निकाल लिए।
समाचार एजेंसी 'पीटीआई-भाषा' को इस बारे में पुलिस से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी कि आरोपी से फिलहाल गहनता से पूछताछ की जा रही है। आरोपी से इस दौरान मिली जानकारी के आधार पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, लखनऊ, गुजरात, पुडुचेरी, कोलकाता सहित कई जगहों पर दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपी फिलहाल घटना की पहली कड़ी है और इसमें आगे कई कड़ियां और जुड़ेंगी।
पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) हरीश चंद्र के मुताबिक, नोएडा प्राधिकरण ने 23 जून, 2023 को बैंक ऑफ इंडिया की सेक्टर-62 शाखा में 200 करोड़ रुपए सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिटः एफडी) के तौर पर जमा कराए थे। प्राधिकरण ने सभी कागजात बैंक को सौंप दिए थे और बैंक की तरफ से एफडी बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। खादर ने इस बीच खुद को नोएडा प्राधिकरण का लेखा अधिकारी बताकर बैंक से तीन करोड़ 80 लाख रुपए तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए, जहां से रकम गुजरात के 15 अलग-अलग खातों में भेजी गई।
पुलिस ने आगे इस बाबत बताया कि आरोपी दोबारा नौ करोड़ रुपये ट्रांसफर कराना चाह रहा था कि इस बीच बैंक की एक महिला अधिकारी को शक हुआ। बैंक अफसर ने जब जांच की तो जालसाजी की बात सामने आई। सूत्रों की मानें तो नौ करोड़ रुपये ट्रांसफर हो ही गए थे, पर महिला अधिकारी ने फौरी कार्रवाई करते हुए रकम ‘होल्ड’ कर दी थी। आरोपी के पास से कुछ डॉक्यूमेंट्स मिले हैं और फिलहाल उससे गहनता से पूछताछ जारी है।
हालांकि, पुलिस को शक है कि अब्दुल महज इस घटना की पहली कड़ी है और इसके पीछे मुख्य साजिशकर्ता कोई और है। पुलिस को यह भी संदेह है कि गिरोह का सरगना बैंक या नोएडा प्राधिकरण का कोई अधिकारी भी हो सकता है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अब्दुल को कैसे पता चला कि नोएडा प्राधिकरण ने बैंक में 200 करोड़ रुपये सावधि जमा के तौर पर जमा कराए हैं। केस में नोएडा प्राधिकरण के वित्त अधिकारी मनोज कुमार ने चार जुलाई को थाना सेक्टर-58 में मामला दर्ज कराया था। मामले की आंतरिक जांच के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक समिति गठित की है।
