नोएडा

नोएडा-गाजियाबाद वालों का खत्म हुआ इंतजार, इस दिन घर आएगा गंगाजल, पानी की किल्लत से मिलेगा छुटकारा

उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद के लिए गंग नहर में सफाई का काम होने के बाद रविवार रात से उसमें पानी छोड़ा जाएगा। इस तरह से सोमवार से दोनों शहरों के लोगों को गंगाजल उपलब्ध होगा।

Image

नोएडा-गाजियाबाद वालों का खत्म हुआ इंतजार, इस दिन घर आएगा गंगाजल, पानी की किल्लत से मिलेगा छुटकारा

नोएडा: गाजियाबाद और नोएडा के कई इलाकों में सोमवार से जल संकट खत्म होने की उम्मीद है। गंग नहर में सफाई का काम होने के बाद रविवार रात से उसमें पानी छोड़ा जाएगा। गंगाजल आने पर पहले की तरह पानी की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। अभी सुबह-शाम तीन घंटे ही पानी आ रहा है। आम दिनों में छह घंटे तक पानी आता है। दशहरे के दिन से गंग नहर की सफाई के चलते गंगाजल की सप्लाई शहर में बंद है। गंगाजल बंद होने के बाद से ही शहर में पानी का संकट बना हुआ है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने से दिक्कत हो रही है। सुबह-शाम दो-तीन घंटे ही पानी मिल पा रहा है। इस दौरान पानी का प्रेशर भी कम बना हुआ है।

सोमवार से शहर में गंगाजल की सप्लाई शुरू

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि रविवार तक गाजियाबाद के प्लांट तक गंगाजल आने का अनुमान है। ऐसे में उस दिन शाम या सोमवार से शहर में गंगाजल की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि नोएडा में 450 मिलियन लीटर प्रतिदिन-एमएलडी-पानी की मांग है। इसमें 240 एमएलडी गंगाजल, 110 एमएलडी नलकूप और 100 एमएलडी रेनीवेल के जरिए पूरा किया जाता है। तीन सप्ताह से गंगाजल वाले 240 एमएलडी की पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद है। ऐसे में 210 एमएलडी के जरिए पानी की सप्लाई शहर में की जा रही है, जिसकी वजह से पानी का संकट बना हुआ है।

12 अक्टूबर की रात से बाधित थी गंगाजल सप्लाई

गौरतलब है कि 12 अक्टूबर की रात से ही गंगाजल सप्लाई बाधित हो गई थी। इसके चलते लाखों लोगों तक पानी नहीं पहुंच पाया और उन्‍हें को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करीब 21 दिन तक इसमें सफाई कार्य हुआ। फिर ये नहर 2 नवंबर को चालू होगी। गाजियाबाद के प्रताप विहार में गंगाजल प्लांट लगा हुआ है। यहां से 100 क्यूसेक पानी नोएडा और 50 क्यूसेक पानी गाजियाबाद के विभिन्न हिस्सों को सप्लाई किया जाता है। नहर बंद रहने के दौरान इस पानी की सप्लाई नहीं होगी। नहर सफाई हर साल की एक रूटीन प्रक्रिया है। इसमें नहर से जुड़ी सभी मशीनों, रेगुलेटरों को साफ किया जाता है, ताकि पानी का प्रवाह बना रहे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article