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नोएडा-गाजियाबाद में 1 नवंबर से इन वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, क्या आपकी गाड़ी भी बैन में शामिल?

1 नवंबर से नोएडा और गाजियाबाद में पुराने वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने CAQM के निर्देशों के बाद यह फैसला लिया है। इसके तहत पुराने वाहनों की निगरानी के लिए ANPR कैमरे पेट्रोल पंपों पर लगाए जाएंगे।

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नोएडा में पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा ईंधन

Noida News: नोएडा और गाजियाबाद में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। 1 नवंबर 2025 से 2 लाख 8 हजार वाहनों को पेट्रोल पंप नहीं मिलेगा। इन वाहनों में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों शामिल हैं। इसके लिए पेट्रोल पंप पर ANPR कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे पुराने वाहनों की पहचान करेंगे और उन्हें पेट्रोल-डीजल देने से रोकेंगे।

परिवहन विभाग पुराने वाहनों के मालिक को भेज रहा नोटिस

यह कदम CAQM (Commision of air quality management) के निर्देशों के तहत उठाया जा रहा है। इस फैसले को गौतमबुद्ध नगर परिवहन विभाग ने लागू किया है। पुराने वाहनों की निगरानी के लिए विभाग ने पेट्रोल पंपों पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगाने की योजना बनाई है। विभाग के इस फैसले से जनपद के करीब 2 लाख 8 हजार वाहन प्रभावित होंगे। जिनके मालिकों को विभाग ने नोटिस भेजना शुरू कर दिया है, ताकि समय रहते वे वैकल्पिक इंतजाम कर सकें।

NCR में पुराने वाहनों का क्या होगा?

इस आदेश को लागू करने के बाद ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, खासतौर पर जब तक वाहनों को डंप करने की स्थायी व्यवस्था नहीं बनती। नोएडा के ARTO डॉ. सीयाराम वर्मा के अनुसार पुराने वाहनों को डंप करने के लिए जगह की कमी है। इसके लिए विभाग को जगह की तलाश है। फिलहाल सोरखा में जमीन चिन्हित की गई है, लेकिन अभी प्रशासन की मंजूरी बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद यहां पर इन वाहनों को डंप किया जाएगा।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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