नोएडा

जेवर एयरपोर्ट पर पहली कैलिब्रेशन फ्लाइट की सफलतापूर्वक लैंडिंग, DGCA की निगरानी में ट्रायल सफल, जल्द शुरू होंगी उड़ानें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार यानी आज, 31 अक्तूबर 2025 को पहली कैलिब्रेशन फ्लाइट ने सफलतापूर्वक लैंडिंग की। DGCA की कड़ी निगरानी के बीच ट्रायल सफल हो गया है। बता दें कि खराब मौसम के कारण गुरुवार को उड़ान को रद्द करना पड़ा था। लेकिन आज मौसम साफ होने के कारण कैलिब्रेशन फ्लाइट ने सफलतापूर्वक लैंडिंग की।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) ने आज, शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया, जब यहां पहली कैलिब्रेशन फ्लाइट ने सफलतापूर्वक लैंडिंग की। खराब मौसम के चलते गुरुवार (30 अक्टूबर) को उड़ान रद्द की गई थी, लेकिन आज मौसम साफ था, इसलिए यह महत्वपूर्ण विमान ट्रायल सफल रहा। यह कैलिब्रेशन फ्लाइट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की सख्त निगरानी में आयोजित की गई। यह परीक्षण, उत्तर भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने जा रहे जेवर एयरपोर्ट को पूर्ण संचालन के एक कदम और करीब ले आया है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट का एक अहम पड़ाव है।

कैलिब्रेशन फ्लाइट क्या है?

कैलिब्रेशन फ्लाइट एक अत्यंत तकनीकी और अनिवार्य प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को एयरोड्रम लाइसेंस जारी करने से पहले पूरा करना आवश्यक था। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि एयरपोर्ट के सभी नेविगेशन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप काम कर रहा हैं कि नहीं। बता दें कि यह प्रणालियां विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी उड़ानों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।

रनवे-नेविगेशन सिस्टम की सटीकता का परीक्षण

डीजीसीए के विशेष विमान ने रनवे पर उतरकर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS), डिस्टेंस मेजरिंग इक्विपमेंट (DME), VOR और लाइटिंग सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों की सटीकता का परीक्षण किया। इस परीक्षण के साथ उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यहां से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत हो जाएगी।

व्यावसायिक संचालन की ओर अंतिम कदम

नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अब लगभग अंतिम चरण में है और सुरक्षा व संचालन संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बता दें कि हाल ही में यात्रियों की एंट्री, चेक-इन, सुरक्षा जांच और बैगेज हैंडलिंग सहित पूरे सिस्टम का टर्मिनल ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इन सभी सफल परीक्षणों के बाद, अब कैलिब्रेशन फ्लाइट की सफलतापूर्वक हुई लैंडिंग हो गई है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर एयरपोर्ट को एयर ऑपरेशन क्लीयरेंस (AOC) मिलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। एक बार AOC मिल जाए, तो यह एयरपोर्ट वाणिज्यिक उड़ानों के लिए खोल दिया जाएगा और यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा हवाई केंद्र बनकर देश के कई प्रमुख शहरों के लिए हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करना शुरू कर देगा।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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