नोएडा

Noida: गैंगवार की आशंका के चलते 11 बदमाशों की बदली गई जेल, रवि काना और अनिल भाटी का भी नाम

gang war fear in noida: 11 अपराधियों की जेल में बदलाव किया गया है, उनमें नोएडा का स्क्रैप माफिया रवि काना और गैंगस्टर सुंदर भाटी का भतीजा अनिल भाटी भी शामिल है।

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प्रतीकात्मक फोटो

उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 कुख्यात अपराधियों की जेल बदलने का फैसला लिया है। शासन को आशंका है कि जेल में बंद इन अपराधियों के बीच गैंगवार के हालात बन सकते हैं और साथ ही साथ यह अपना गैंग भी अपने जिले में बंद जेल से संचालित कर रहे हैं। इस पूरी कड़ी को तोड़ने के लिए शासन ने यह फैसला लिया है।

ग्रेटर नोएडा के लुक्सर जेल में बंद स्क्रैप माफिया रवि काना को बांदा जेल भेजा जा रहा है और अनिल भाटी को नोएडा की जेल से अंबेडकरनगर जिला जेल भेजा गया है। नोएडा जेल में बंद जुगला को बहराइच की जेल में भेजा गया है।

जानकारी के मुताबिक जेल में सुरक्षा व्यवस्था और अन्य कारणों के चलते 11 कैदियों की जेल ट्रांसफर की जा रही है। इनमें गौतम बुद्ध नगर में बंद 3, सहारनपुर जेल में बंद 4, गाजीपुर जेल में बंद 3 और चित्रकूट जेल में बंद एक कैदी शामिल है। जेल अधीक्षक की रिपोर्ट पर उत्तर प्रदेश शासन ने यह बदलाव किए हैं। आशंका है कि भविष्य में कई और अपराधियों की जेल बदली जा सकती है।

जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर जेल में बंद कैदी कुर्बान को लखीमपुर खीरी, युवराज को आगरा, नौशाद को कानपुर देहात और अरविंद को उरई जालौन जेल में ट्रांसफर किया गया है। चित्रकूट जेल में बंद फरहान अहमद को इटावा जेल भेजा गया है। वहीं, गाजीपुर जेल में बंद तीन कैदी अफरोज खान उर्फ चुन्नू को बरेली, मोहम्मद शाहिद ऊर्फ कुर्बान अली को आगरा और सुरेंद्र शर्मा ड्राइवर को बुलंदशहर भेजा जा रहा है।

गैंगस्टर रणदीप भाटी, सुंदर भाटी और रवि काना के बीच रंजिश

गौरतलब है कि गैंगस्टर रणदीप भाटी, सुंदर भाटी और रवि काना के बीच रंजिश चल रही है। अभी तक ग्रेटर नोएडा की लुक्सर जेल में सुंदर भाटी का भतीजा अनिल भाटी बंद था। रणदीप भाटी गैंग का जुगला गैंग का सक्रिय बदमाश है। वह इसी जेल में बंद था। वहीं, रवि काना भी इसी जेल में बंद है। उसकी भी सुंदर भाटी गैंग से रंजिश चल रही है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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