Noida Workers Salary Hiked: नोएडा के कुछ हिस्सों में सोमवार को वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों फैक्टरी मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों के बड़ी संख्या में मजदूर अपनी लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए और प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए। नोएडा फेज 2 इलाके में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से मजदूरों का वेतन अंतरिम आधार पर 21 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया। यह ध्यान रखना जरूरी है कि गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में मजदूरों के वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ते सहित) में सबसे ज्यादा 21% की बढ़ोतरी की गई है।
अन्य नगर निगम जिलों में मजदूरी में 15 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी, जबकि शेष जिलों में अंतरिम मजदूरी दरों में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।
पूरे राज्य में न्यूनतम मजदूरी एक समान
फिलहाल, राज्य के सभी जिलों में न्यूनतम मजदूरी की दरें एक जैसी हैं:-अकुशल मजदूरों के लिए: 11,313 रुपये प्रति माह, 435.14 रुपये प्रतिदिन
-अर्ध-कुशल मजदूरों के लिए: 12,445 रुपये प्रति माह, 478.69 रुपये प्रतिदिन
-कुशल मजदूरों के लिए: 13,940 रुपये प्रति माह, 536.16 रुपये प्रतिदिन

वेतन संरचना
सरकार ने अब अंतरिम मजदूरी दरें इस प्रकार तय की हैं:
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में:
-अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये
-अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 15,059 रुपये
-कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये
अन्य नगर निगम जिलों में:
-अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये
-अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये
-कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये
बाकी जिलों में:
-अकुशल श्रमिकों के लिए 12,356 रुपये
-अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 13,591 रुपये
-कुशल श्रमिकों के लिए 15,224 रुपये
बता दें कि ये भी तय हुआ है कि अब हफ्ते में एक छुट्टी जरूर मिलेगी। अगर किसी को काम करने के लिए बुलाया जाता है तो फिर उस दिन डबल पे देना होगा। इसके लिए अब एक साथ ही सैलरी मिल जाया करेगी, पहले की तरह टुकड़ों में नहीं। साथ ही हर महीने की 10 तारीख से पहले सैलरी आ जाएगी। महिलाओं को परेशानी को लेकर भी कदम उठाए गए हैं।

गलत सूचना से बचकर रहें
20,000 रुपये प्रति माह नहीं हुआ न्यूनतम वेतन
UP सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहे उन दावों को भ्रामक बताया है कि श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये प्रति माह तय किया गया है। लोगों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने का आग्रह किया गया है। सरकार नए श्रम कानूनों के तहत लगातार आवश्यक कार्रवाई कर रही है। अगले महीने गठित होने वाले वेतन बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
