Noida International Airport Aerodrome Licence: सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ‘एयरोड्रम’ लाइसेंस प्रदान कर दिया गया है और इसका उद्घाटन जल्द किया जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान इस हवाई अड्डे से जुड़े सवालों के जवाब में नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद हवाई अड्डे से वास्तविक उड़ान सेवाएं शुरू होने में आमतौर पर 45 दिन से लेकर दो महीने तक का समय लगता है। उन्होंने कहा कि आवश्यक तैयारियां पूरी होते ही यहां से उड़ानें शुरू कर दी जाएंगी। मंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण समेत संबंधित संस्थानों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद कुछ दिन पहले ही नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस हवाई अड्डे को पहला एयरोड्रम लाइसेंस जारी किया है।
भव्य समारोह आयोजित करने की योजना
मंत्री ने बताया कि किसी भी हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं शुरू होने से पहले की सामान्य प्रक्रिया में लगभग 45 दिन से लेकर दो महीने तक का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस मिलने के बाद हवाई अड्डा प्रबंधन को उड़ानों के संचालन के लिए विस्तृत समय-सारिणी तैयार करनी होती है, जिसमें कुछ समय लगता है। नागर विमानन मंत्री ने आगे कहा कि सरकार एयरलाइंस कंपनियों के साथ भी संपर्क में है और उन्हें अपनी उड़ानों की समय-सारिणी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि हवाई अड्डे के उद्घाटन के लिए एक भव्य समारोह आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे उत्तर प्रदेश के जेवर हवाई अड्डे को व्यापक पहचान और प्रोत्साहन मिल सके।
12 सालों में हवाई अड्डों की संख्या में बढ़ोतरी
भगवान बुद्ध से जुड़े उत्तर प्रदेश के कपिलवस्तु क्षेत्र में हवाई अड्डा बनाने से जुड़े एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति देशभर में हवाई अड्डों की संख्या बढ़ाने की रही है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए ‘उड़ान’ योजना की शुरुआत की गई थी। नायडू ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश में हवाई अड्डों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 में जहां देश में 74 हवाई अड्डे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 166 हो गई है। उन्होंने कहा कि इतनी तेज गति से हवाई अड्डों का विकास किसी अन्य देश में देखने को नहीं मिलता और सरकार आगे भी इस दिशा में काम जारी रखेगी। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य देश के दूर-दराज के इलाकों तक भी हवाई सेवाओं का विस्तार करना है। क्षेत्रीय हवाई अड्डों से जुड़े एक सवाल के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि फिलहाल देश के 164 हवाई अड्डों से नियमित उड़ान सेवाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और घरेलू विमानन बाजार के मामले में भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है।
(इनपुट - भाषा)
