जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा। नैनीताल में पर्यटकों की गाड़ियों की एंट्री बंद की जा सकती है। मतलब लेक सिटी में टूरिस्ट का तो Welcome होगा, लेकिन उनकी गाड़ी के लिए No Entry संभव है। वैसे तो नैनीताल में पर्यटकों के लिए पार्किंग कई जगह पार्किंग है और ज्यादा पार्किंग बनाई जा रही है। लेकिन यह भी सच है कि इस शहर में पर्यटकों की आमद भी लगातार बढ़ रही है। जिसके कारण और ज्यादा पार्किंग की डिमांड हो रही है। मेट्रोपोल के पास मेकैनाइज्ड पार्किंग तैयार हो रही है। रूसी में टेम्परेरी पार्किंग भी है। लेकिन अब और ज्यादा पार्किंग के लिए नैनीताल में जगह नहीं बची है।
अब नैनीताल में जिस रफ्तार से पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, उसी रफ्तार से पार्किंग की डिमांड भी बढ़ रही है। ऐसे में संभव है कि नैनीताल में पर्यटकों की गाड़ियों की एंट्री पूरी तरह से बंद कर दी जाए। पर्यटकों को हल्द्वानी में अपनी गाड़ी खड़ी करनी पड़ेगी और फिर शटल सेवा के जरिए उन्हें तालों के ताल नैनीताल तक पहुंचाया जा सकता है।
नैनीताल जिला प्रशासन ने नैनीताल में पर्यटकों की गाड़ियों की एंट्री बंद करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए रानीबाग और काठगोदाम में जगह तलाशी जा रही है, जहां पर पर्यटकों की गाड़ियों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था हो सके।
अभी नैनीताल में DSA, मेट्रोपोल और सूखाताल पार्किंग के भर जाने के बाद पर्यटकों की गाड़ियों को रूसी बाईपास पर ही रोक दिया जाता है। यहां से यात्रियों को शटल सर्विस के जरिए नैनीताल सिटी तक पहुंचाया जाता है। नैनीताल और कैची धाम जाने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी के चलते हल्द्वानी और काठगोदाम के रूटों पर पर्यटकों की गाड़ियों की लंबी कतार देखने को मिलती है। जबकि यह भी सच है कि नैनीताल में पार्किंग फुल होने के बाद उन्हें एंट्री प्वाइंट पर ही रोक दिया जाता है, इसके बावजूद लोग बड़ी संख्या में अपनी गाड़ी से सफर करते हैं।
नैनीताल में चार पार्किंग प्रोजेक्ट पर अभी काम चल रहा है, जिनमें 2500 कारों की पार्किंग हो सकती है। पर्यटकों की कारों के लगातार बढ़ते दबाव के चलते हल्द्वानी में ही उनकी कारों को रोकने पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है। डीएम वंदना सिंह का कहना है, संभव है कि भविष्य में पर्यटकों की कारों की संख्या बढ़े और पार्किंग की डिमांड बढ़ जाए। ऐसी स्थिति में पर्यटकों की कारों को रानीबाग और काठगोदाम में रोकने की स्कीम पर काम किया जा सकता है। यहीं से लोगों को कैंची धाम और नैनीताल के लिए शटल सेवा उपलब्ध करवाई जाए।
