New Year 2026 Tourism: नए साल 2026 के स्वागत से पहले देश के धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। श्रद्धालु जहां साल की शुरुआत ईश्वर के दर्शन से करना चाहते हैं, वहीं बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों और ऐतिहासिक शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। मौसम की चुनौतियों और ट्रैफिक दबाव के बावजूद देशभर में उत्साह और आस्था का माहौल बना हुआ है।
बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब
जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम में नए साल से पहले भक्तों की भारी आमद दर्ज की जा रही है। देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालु जयकारों के साथ माता के दर्शन के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं। प्रशासन ने कटरा से लेकर भवन तक सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत किया है।
वहीं उत्तर प्रदेश में अयोध्या, काशी और मथुरा नए साल से पहले आस्था के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। अयोध्या में राम मंदिर में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के मौके पर विशेष आयोजन हो रहे हैं। वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में स्वर्ण दर्शन की व्यवस्था की गई है, जबकि भीड़ को देखते हुए स्पर्श दर्शन पर अस्थायी रोक लगाई गई है। मथुरा-वृंदावन में भी श्रद्धालुओं की संख्या इतनी बढ़ गई है कि मंदिर प्रशासन को लोगों से कुछ दिन बाद आने की अपील करनी पड़ी है।
नए साल के ठीक पहले मैहर स्थित त्रिकूट पर्वत पर मां शारदा धाम में आस्था का सैलाब उमड़ा, जहां लाखों श्रद्धालु कड़ाके की ठंड के बावजूद दर्शन और आरती में शामिल हुए। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं, अलाव की सुविधा और 1100 रुपये के पैकेज में शीघ्र दर्शन और रोपवे सेवा उपलब्ध कराई गई है।
पुरी जगन्नाथ धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ धाम में दिसंबर के अंतिम दिनों से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। नए साल के मौके पर संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर और शहर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और कई कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है। दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं।
पहाड़ों की ओर बढ़ा सैलानियों का रुख
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में विंटर कार्निवल और बर्फबारी की उम्मीद के चलते पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नए साल की पूर्व संध्या पर शहर में ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौसम विभाग की ओर से बर्फबारी के पूर्वानुमान ने सैलानियों का उत्साह और बढ़ा दिया है।
उत्तराखंड में भी देहरादून, मसूरी, धनौल्टी और चकराता जैसे पर्यटन स्थलों पर नए साल के जश्न की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मसूरी में होटल बुकिंग लगभग फुल हो चुकी है और कमरों के किराये में भी तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है।
राजस्थान के शहरों में पर्यटकों की भीड़
राजस्थान के जयपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे प्रमुख पर्यटन शहरों में क्रिसमस से नए साल के बीच पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद दर्ज की गई है। ऐतिहासिक स्मारकों पर बढ़ी भीड़ के कारण कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक इस साल पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
मौसम और परिवहन सेवाओं पर असर
घने कोहरे और खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला। श्रीनगर एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद लोग नए साल के मौके पर अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए उत्साहित नजर आए। प्रशासन, पुलिस और स्थानीय एजेंसियां भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि लोग नए साल की शुरुआत सुरक्षित और यादगार तरीके से कर सकें।
