पड़ोसी देश नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद हालात काफी चिंताजनक हो गए हैं। नेपाल के रसुवा इलाके में बहने वाली भोटेकोशी नदी में उफान आने के कारण तबाही का माहौल है। नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा की सीधी आंच अब भारत के मैदानी इलाकों तक पहुंचने लगी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले बिहार में अलर्ट जारी किया गया और अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से नेपाल के लोगों की सलामती की प्रार्थना की। साथ ही सीएम योगी ने बताया कि नेपाल की बाढ़ के असर से राज्य के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तैयारी रखने और सतर्कता बरतने के कड़े आदेश दिए गए हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: पटना में 6 साल का मासूम पुलिस हिरासत में? जानें CJP के दावों और बिहार पुलिस के खुलासे का पूरा सच
सीएम सम्राट चौधरी भी हालात पर बनाए हुए हैं नजर
दूसरी तरफ, बिहार सरकार भी पूरी तरह एक्शन मोड में है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि वे खुद हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने उत्तर बिहार के सभी जिलाधिकारियों (DM) से फोन पर बात कर तैयारियों का जायजा लिया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर जरूरत पड़ी तो वे खुद जमीनी स्थिति देखने वाल्मीकिनगर का दौरा करेंगे। राज्य में एक हाई-लेवल टीम बनाई गई है, जिसमें मुख्य सचिव और डीजीपी पल-पल की निगरानी कर रहे हैं।
बिहार का आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर
आपदा से निपटने के लिए बिहार का आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर है। आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल के अनुसार, जोखिम वाले जिलों बेतिया, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में NDRF की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं, जबकि SDRF की टीमें पहले से ही प्रभावित इलाकों में मुस्तैद हैं। दोनों ही राज्य नेपाल से आने वाले पानी के रुख पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। बिहार में बाढ़ के हालातों को देखते हुए आपात प्रबंधन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया।
हेल्पलाइन नंबर- 0612-2294204/205
आपातकालीन सहायता नंबर- 1070
