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भागलपुर में गंगा नदी में पलटी मजदूरों से भरी नाव, 17 सुरक्षित निकले; दो लापता

नाव पर कुल 18 मजदूर सवार थे। सभी मजदूरी के सिलसिले में गंगा पार कर रहे थे। हादसे के बाद 17 मजदूर तैरकर किसी तरह सुरक्षित घाट तक पहुंच गए। वहीं, करीब दो मजदूरों के अभी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

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भागलपुर में गंगा नदी में पलटी मजदूरों से भरी नाव (फोटो-Twitter)

भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिले के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर इलाके में बुधवार को गंगा नदी में बड़ा नाव हादसा हो गया। मजदूरों को लेकर नदी पार कर रही नाव तेज बहाव के बीच अचानक असंतुलित होकर पलट गई। नाव के डूबते ही उसमें सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर पानी की तेज धारा में बह गए।

बताया जा रहा है कि नाव पर कुल 19 मजदूर सवार थे। सभी मजदूरी के सिलसिले में गंगा पार कर रहे थे। हादसे के बाद 17 मजदूर तैरकर किसी तरह सुरक्षित घाट तक पहुंच गए। वहीं, करीब दो मजदूरों के अभी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम और एसडीआरएफ (SDRF) के जवान मोटरबोट लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अभियान में गोताखोरों को भी लगाया गया है। स्थानीय ग्रामीण और अन्य गोताखोर भी बचाव दल की मदद कर रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पलटने के दौरान कुछ मजदूर उसके नीचे दब गए होने की आशंका है। इसी को देखते हुए बचाव दल नाव के आसपास के हिस्से में भी लगातार तलाशी ले रहा है। गंगा में तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को लापता मजदूरों की तलाश में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

फिलहाल एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें नदी में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। लापता मजदूरों का पता लगाने के लिए मोटरबोट और गोताखोरों की मदद ली जा रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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