उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर आज तीखा हमला बोला। सोमवार 3 अगस्त को राजधानी देहरादून में पत्रकारों से बातचीत के दौरान धामी ने कहा कि NDA शासित राज्यों में भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में सरकार ने ‘नकल माफिया’ के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए 100 से ज्यादा लोगों को जेल भेजा और नकल विरोधी कानून लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भर्ती परीक्षाएं तय कैलेंडर के अनुसार पूरी की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। धामी ने इस दौरान झारखंड और पंजाब का विशेषतौर पर उल्लेख करते हुए विपक्षी शासित राज्यों पर भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।
कांग्रेस, सपा और AAP पर निशाना
CM धामी ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी सहित विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा अब भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और नकल के मामलों को समझता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 के बीच की तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल का भी जिक्र किया और भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए।
धामी ने नकल या भर्ती परीक्षाओं में कथित तौर पर शामिल युवाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस युवाओं को सजा देने के बजाय कथित मास्टरमाइंड के खिलाफ कार्रवाई करने पर रहा है।
सनातन के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ सनातन धर्म के कथित अपमान को लेकर FIR दर्ज होने के सवाल पर भी धामी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने संतों को बदनाम करने को ‘सबसे निम्न स्तर का आचरण’ बताते हुए विपक्षी नेताओं पर सनातन धर्म को लेकर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विपक्षी नेताओं की कथित गैरमौजूदगी का भी उल्लेख किया।
‘जन-जन की सरकार’ में 6.5 लाख लोगों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के ‘जन-जन की सरकार’ अभियान की प्रगति भी बताई। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रशासन को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। धामी के मुताबिक अभियान के दोनों चरणों में अब तक 6.5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं, जबकि 60 हजार से ज्यादा लोगों की शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया है।
