Nasik Water Supply: महाराष्ट्र के नासिक शहर में कम बारिश और मानसून की देरी के कारण जल संकट की आशंका बढ़ गई है। जिसे देखते हुए नासिक नगर निगम (NMC) ने 20 जून से पानी की कटौती करने का फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पीने के पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अगस्त में बढ़ सकती है पानी की कटौती
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, नगर निगम ने बताया कि जून और जुलाई महीने में हर शनिवार पानी की कटौती लागू की जाएगी। वहीं अगस्त में स्थिति और सख्त हो सकती है। इस दौरान शहर के कई इलाकों में दो दिन के अंतराल पर ही पानी की सप्लाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अगर मानसून की सक्रियता जल्द ही बढ़ी नहीं, तो जल भंडारण पर दबाव और बढ़ने की संभावना है।
नासिक में जल आपूर्ति के स्त्रोत
नासिक शहर की पानी की जरूरत मुख्य रूप से गंगापुर बांध समूह और मुक्ने बांध से पूरी होती है। इन जलाशयों से रोजाना लगभग 600 मिलियन लीटर (MLD) कच्चा पानी लिया जाता है। इसके बाद शहर के सात जल शोधन संयंत्रों में इस पानी को साफ किया जाता है। फिर 134 जल टैंकरों और करीब 2,502 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए लोगों तक इस पानी की सप्लाई की जाती है।
मानसून की देरी ने बढ़ाई चिंता
अधिकारियों के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की देरी ने जल भंडारण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में भंडारण में उपलब्ध पानी का सावधानी से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो गया है। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि पानी की बर्बादी बिल्कुल न करें और जरूरत के अनुसार ही पानी का इस्तेमाल किया जाए।
प्रशासन का कहना है कि मानसून की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर आने वाले दिनों में शहर में अच्छी बारिश होती है तो नागरिकों को जल आपूर्ति व्यवस्था में राहत मिल सकती है। फिलहाल शहरवासियों को पानी बचाने और कटौती के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
