Nashik News: महाराष्ट्र के नासिक के फर्जी बाबा अशोक खरात के खिलाफ चल रही जांच अब एक बड़े मोड़ पर पहुंच गई है। दुष्कर्म, यौन शोषण और करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपों से घिरे इस 'फर्जी बाबा' की बेहिसाब संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात की पुष्टि करते हुए साफ कर दिया है कि सरकार इस मामले की तह तक जांच करेगी।
अशोक खरात की काली कमाई पर ED का शिकंजा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी कि अशोक खरात ने कथित तौर पर अवैध रूप से भारी संपत्ति अर्जित की है। चूंकि मामला अब केवल व्यक्तिगत अपराधों तक सीमित नहीं रहा और इसमें बड़े पैमाने पर आर्थिक हेराफेरी के संकेत मिले हैं, इसलिए अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस पूरे खेल की जांच करेगा। एजेंसियां अब खरात के बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और विदेशों से होने वाले संभावित लेन-देन की कड़ाई से पड़ताल करेंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस सबूतों के आधार पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
SIT की छापेमारी: पिस्टल, कारतूस और नकदी बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने पिछले दिनों खरात के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस को 6 लाख रुपये से अधिक की नकदी, एक पिस्तौल, 21 जिंदा कारतूस और 5 खाली खोखे बरामद हुए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खुद को 'दैवीय शक्तियों' का स्वामी बताकर महिलाओं को धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर बहलाता था और फिर उनका यौन शोषण करता था। पीड़ितों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, खरात पीड़ितों को आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर चुप रखता था।
CDR लीक मामला और राजनीतिक कनेक्शन के दावे
इस केस में 'कॉल डिटेल रिकॉर्ड' (CDR) लीक होने का विवाद भी गरमाया हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि खरात और कुछ बड़े राजनीतिक नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी की निजी जानकारी (सीडीआर) को अनधिकृत रूप से एक्सेस करना अपराध है। सरकार इस बात की भी जांच करा रही है कि यह डेटा लीक कैसे हुआ। उन्होंने दोहराया कि जांच को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अब तक 12 मामले दर्ज, बढ़ रहा है जांच का दायरा
मुख्यमंत्री के अनुसार, अशोक खरात के खिलाफ अब तक कुल 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 7 मामलों की जांच एसआईटी कर रही है, जबकि एक महत्वपूर्ण मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। यह पूरा मामला शिरडी की एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद खुला था, जिसके बाद कई और पीड़ित महिलाएं हिम्मत जुटाकर सामने आई हैं। आरोपी ने पहले देश छोड़कर भागने की भी कोशिश की थी, जिसके बाद हवाई अड्डों पर उसके खिलाफ अलर्ट जारी किया गया था। फिलहाल उसका मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिससे कई और राज खुलने की उम्मीद है।
