Muzaffarpur News: परीक्षा में पास होने के लिए छात्र क्या-कुछ नहीं करते हैं। होनहार छात्र जहां कड़ी मेहनत करके अपने ज्ञान के दम पर शिक्षकों को रिझाते हैं, वहीं फिसड्डी छात्र एग्जाम्स में भी तिकड़म भिड़ाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक सेमेस्टर-2 सत्र 2024-28 की परीक्षा में।
यहां छात्रों ने जिस तरह से अजीबोगरीब उत्तर दिए हैं, उनसे कॉपी जांचने वाले शिक्षक भी हैरान हैं। कई छात्रों ने प्रश्नों के उत्तर में अनावश्यक बातें लिखी हैं। उदाहरण के लिए, एक छात्र ने प्रश्न के उत्तर में पूरा का पूरा प्रेम पत्र ही छाप दिया, जबकि दूसरे ने लिखा कि अगर वह इस बार पास नहीं हुए तो उसकी शादी रुक जाएगी।
इतना काफी नहीं था कि फिजिक्स की एग्जाम कॉपी में एक छात्र ने खेल-कूद के महत्व पर निबंध लिख डाला। केमेस्ट्री और हिस्ट्री में भी छात्रों ने अपनी मर्जी से इधर-उधर के उत्तर दिए हैं। लगभग पांच लाख कॉपियों की जांच की जानी है।
हिंदी के वैकल्पिक विषय में एक छात्र ने पद्मावत के लेखक का नाम डॉ. राजेंद्र प्रसाद बताया, जबकि पद्मापत के लेखक मलिक मुहम्मद जायसी हैं और डॉ. राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति थे। टीचर्स का कहना है कि जिन छात्रों का ऑनर्स विषय हिंदी नहीं है, उनकी कॉपियों में इस तरह की गलतियां काफी ज्यादा हैं।
एक परीक्षक ने जानकारी दी, 'एक छात्र ने लिखा कि अगर उसे पास नहीं किया गया तो उसकी शादी नहीं होगी', उसने अपनी उम्र का भी जिक्र किया है। कुछ छात्रों ने पास करने के लिए गुरु दक्षिणा के रूप में मिठाई देने की बात भी लिखी।
उधर कुछ छात्रों ने टीचर को इमोशनल ब्लैकमेल करने की कोशिश करते हुए अपनी बीमारियों का हवाला दिया है और परीक्षा में पास करने की अपील की। इस तरह के उत्तरों ने एग्जामनरों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि छात्रों की गंभीरता और अध्ययन के प्रति दृष्टिकोण पर ध्यान देने की जरूरत है।
