मुंबई

गुजरात से भटक कर पहुंचे महाराष्ट्र, फिर गूगल ने किया कमाल; जानें पूरा मामला

गुजरात से भटक कर महाराष्ट्र आए बुजुर्ग को गूगल ने फिर से अपने परिवार से मिला दिया। इसमें एक सामाजिक संगठन ने बुजुर्ग की मदद की।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

अपने घरों से लापता हुए दो वरिष्ठ नागरिकों को महाराष्ट्र में एक संगठन ने गूगल की मदद से उनके परिवारों से फिर से मिला दिया है। मानसिक बीमारी से जूझ रहे मावजीभाई वाघरी (70) पड़ोसी गुजरात में वडोदरा के समीप अपने घर से लापता हो गए थे और वह 14 सितंबर को पालघर जिले के नालासोपारा में मिले तथा उन्हें एक आश्रम में ले जाया गया।

गूगल की ली गई मदद

बता दं कि वाघरी ने वंचित वर्गों के पुनर्वास के लिए काम कर रहे एक गैर सरकारी संगठन ‘जीवन आनंद संस्था’ के स्वयंसेवियों और कर्मियों को अपने इलाके का नाम बताया जिसके बाद उन्होंने ‘गूगल सर्च’ की मदद ली और वाघरी के परिवार के सदस्यों का पता लगाने के लिए वहां स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। वाघरी को अगले दिन 15 सितंबर को उनके परिवार से फिर से मिला दिया गया।

संगठन ने मिलवाया

इसी तरह संगठन ने 70 वर्षीय आदिवासी महिला पी. गोमा भुकरे के परिवार का पता लगाया, जो नवी मुंबई के पनवेल से लापता थीं। भुकरे गलती से मुंबई जाने वाली एक बस में बैठ गयी थीं और मुंबई में एक दुर्घटना में घायल हो गयीं। इलाज के बाद उन्हें 14 सितंबर की रात को संस्था के आश्रम लाया गया।

कहा गया है कि संस्था ने भुकरे के गांव के सरपंच से संपर्क करने के लिए गूगल सर्च का इस्तेमाल किया और उनके परिवार को सूचित किया। इसमें कहा गया है कि 70 वर्षीय दोनों व्यक्ति के परिवारों ने उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी थी और उनकी तस्वीरें व्हाट्सऐप पर भी प्रसारित की गयी, जिससे उन्हें परिवारों से फिर से मिलाने में मदद मिली।

इनपुटः भाषा

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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