मुंबई

महाराष्ट्र के जलगांव में पैसेंजर ट्रेन पर पथराव, यात्रियों में दहशत...सामने आया Video

Stone Pelting on Passenger train at Jalgaon: घटना 12 जुलाई की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, भुसावल से नंदुरबार जाने वाली पैसेंजर ट्रेन सुबह 10:50 बजे अमलनेर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। इसके करीब 10 मिनट बाद कुछ लोगों ने ट्रेन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

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जलगांव में पैसेंजर ट्रेन पर पथराव।

Photo : Times Now Digital

Stone Pelting on Passenger train at Jalgaon: महाराष्ट्र के जलगांव में एक पैसेंजर ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई है। यह घटना जलगांव जिले के अमलनेर इलाके में हुई। यहां अज्ञात लोगों ने ट्रेन की चेन खींचकर उसपर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे यात्री दहशत में आ गए। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।

मामला सामने आते ही रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया रेलवे अधिनियम की धारा 154 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, अभी तक यात्रियों की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। अधिकारियों ने बताया पत्थरबाजी करने वालों की तलाश की जा रही है।

बार-बार हुई चेन पुलिंग

घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग पैसेंजर ट्रेन पर पथराव करते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना 12 जुलाई की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, भुसावल से नंदुरबार जाने वाली पैसेंजर ट्रेन सुबह 10:50 बजे अमलनेर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। इसके करीब 10 मिनट बाद कुछ लोग ट्रेन की चेन खींचकर मलनेर तालुका के धार में पहाड़ी के पास उतर गए और चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। रेलवे गार्ड ने रेलवे में तैनात आरपीएफ कर्मियों को बार-बार चेन खींचने की घटना की जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

देखें वीडियो-

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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