मुंबई

मरते-मरते 5 लोगों को जीवनदान दे गई स्पेन की यह महिला, 'ब्रेन डेड' होने के बाद डोनेट किया अपना ऑर्गन

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Jan 13, 2023, 02:05 PM IST

Spanish Tourist : टेरेसा फर्नांनडेज नाम की यह महिला पांच जनवरी को अन्य पर्यटकों के साथ मुंबई पहुंची थी। पर्यटकों का यह समूह एलिफेंटा केव्स घूमने गया था और वहां से लौटते समय बस में टेरेसा बेहोश हो गईं। टेरेसा की बेटी पेरेज जो सात जनवरी को मुंबई पहुंचीं।

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मुंबई में ब्रेन डेड हुई स्पेन की महिला।

Photo : BCCL

Spanish Tourist : भारत घूमने आई स्पेन की एक महिला ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। 'ब्रेन डेड' होने के बाद उसने अपने अंगों को दान कर दिया। महिला पर्यटक के इस फैसले ने पांच लोगों की जान बचाई है। दरअसल, टेरेसा फर्नांनडिज नाम की यह महिला पांच जनवरी को अन्य पर्यटकों के साथ मुंबई पहुंची थी। पर्यटकों का यह समूह एलिफेंटा केव्स घूमने गया था और वहां से लौटते समय बस में टेरेसा बेहोश हो गईं। टेरेसा की बेटी पेरेज जो सात जनवरी को मुंबई पहुंचीं, उन्होंने बताया कि तबीयत खराब होने क बाद उनकी मां को पेड्डार रोड स्थित जसलोक अस्पताल ले जाया गया।

टेरेसा के मस्तिष्क में हुआ था रक्त स्राव

रिपोर्टों के मुताबिक अस्पताल में टेरेसा का इलाज करने वाले न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर आजाद ईरानी ने बताया कि टेरेसा के मस्तिष्क में बड़ी मात्रा में रक्त का रिसाव हुआ था। उन्होंने कहा, 'टेरेसा को लंबे समय से उच्च रक्त चाप था और मस्तिष्क में हुए रक्त स्राव ने दिमाग के एक महत्वपूर्ण हिस्से को प्रभावित किया।' डॉक्टर ने बताया कि हालांकि, दिमाग में दबाव कम करने के लिए एक सर्जरी की गई लेकिन इससे कोई मदद नहीं मिली।

महिला का हृदय निकालकर चेन्नई भेजा गया

न्यूरोसर्जन डॉक्टर सुधीर अम्बेकर ने कहा, 'बेटी को जब इस बात का पता चला कि उनकी मां ब्रेन डेड हो गई हैं तो उन्होंने अंग दान करने का सुझाव दिया।' पीड़ित परिवार ने टेरेसा के शरीर से पांच अहम अंगों को सुरक्षित निकालने के लिए अपनी सहमति दी। रिजनल ऑर्गन एंड टिसू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (ROTTO) के प्रतिनिधियों ने बताया कि महिला का हृदय निकालकर चेन्नई भेजा गया। यह हृदय लेबनान के एक व्यक्ति को लगा जबकि महिला का फेफड़ा, लीवर और दोनों किडनी स्थानीय मरीजों में प्रत्यर्पित किया गया।

अस्थियां लेकर स्वदेश जाएगी बेटी

फर्नांनडिज की दो संतानें एक बेटी एवं एक बेटा हैं। वह हाल ही में फॉर्मेसी एवं माइक्रोबॉयलोजी विभाग से रिटायर हुई थीं। रिटायर होने के बाद वह आइसलैंड एवं दक्षिण कोरिया गई थीं। शुक्रवार को टेरेसा का अंतिम संस्कार होगा। उनकी बेटी उनकी अस्थियां लेकर शनिवार को वापस स्वदेश लौट जाएंगी। टेरेसा की उम्र 67 साल थी।
आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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