Dharavi Redevelopment Project: भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों और ताकतों को एकजुट करते हुए, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धारावी विकास परियोजना (डीआरपी) के विरोध में अडानी समूह के खिलाफ एक विशाल मोर्चा निकाला। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह विकास विरोधी नहीं हैं, लेकिन धरावी पुनर्विकास परियोजना दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है।
बीजेपी-शिंदे पर निशाना
ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी इस मार्च के दौरान निशाना साधा। उद्धव ठाकरे ने धारावी से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, जहां अडानी रियल्टी का मुंबई कार्यालय स्थित है, तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद एक सभा को संबोधित किया।
क्या बोले उद्धव
ठाकरे ने कहा- "आपके पास कागज, कलम और कार्यालय हो सकता है, लेकिन याद रखें कि हमारे पास सड़कें हैं। अडानी और उनके पीछे के लोगों को भीड़ देखनी चाहिए। मैं समझ नहीं पा रहा हूं... आप अडानी के खिलाफ कुछ भी कहते हैं, प्रतिक्रिया अडानी (समूह) की ओर से नहीं बल्कि बीजेपी की ओर से आती है।"
'सबसे बड़ा घोटाला'
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि वो विकास विरोधी नहीं हैं, भाजपा उनके नेतृत्व वाली एमवीए सरकार के दौरान बिल्डरों के समर्थन में लिया गया एक भी फैसला दिखाए। ठाकरे ने कहा- ''पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मचारियों और मिल श्रमिकों को घर मिलना चाहिए। मैं विकास के खिलाफ नहीं हूं...लेकिन यह दुनिया का सबसे बड़ा ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) घोटाला है। अडानी (समूह) ने 100 करोड़ रुपये का टीडीआर हासिल किया है।"
भाजपा को दी चुनौती
धारावी पुनर्विकास परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को संबोधित करते हुए ठाकरे ने भाजपा के आरोपों का भी खंडन किया कि इसके लिए निविदा उनके मुख्यमंत्री रहते हुए जारी की गई थी। ठाकरे ने कहा- "यह आरोप गलत है। मुझे ऐसा कोई एक सरकारी आदेश दिखाएं।
