मुंबई

नागपुर में भड़की हिंसा! प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की झड़प में अब तक 4 घायल; सीएम फडणवीस ने की ये अपील

Nagpur Hinsa: पवित्र ग्रंथ जलाने की अफवाह के बीच महाराष्ट्र के नागपुर में प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की झड़प हो गई। इस हिंसा में अब तक चार लोग घायल हो गए। वहीं सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से अपील करते हुए ये कहा कि अफवाहों पर विश्वास न करें। आपको इससे जुड़ा हर अपडेट दे देते हैं।

Image

नागपुर के महल क्षेत्र में दो गुटों के बीच हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल ।

Violence in Nagpur: औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय के पवित्र ग्रंथ को जलाये जाने की अफवाह के बाद मध्य नागपुर में सोमवार को तनाव उत्पन्न हो गया और पुलिस पर पथराव किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान चार लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने चिटनिस पार्क और महल इलाकों में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। अधिकारियों ने बताया कि हिंसा दोपहर बाद कथित तौर पर कोतवाली और गणेशपेठ तक फैल गई।

दंगाइयों ने कुछ चार पहिया वाहनों में आग लगा दी

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चिटनिस पार्क से शुक्रवारी तालाओ रोड क्षेत्र हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित है, जहां दंगाइयों ने कुछ चार पहिया वाहनों में आग लगा दी। अधिकारियों ने बताया कि निवासियों के घरों पर भी पथराव किया गया। पुलिस हजारों की भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश कर रही है।

'अफवाह फैली कि आंदोलन के दौरान कुरान को जलाया गया'

अधिकारियों ने अनुसार यह उपद्रव दोपहर बाद शुरू हुआ, जब बजरंग दल के सदस्यों ने महल इलाके में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार, अफवाह फैली कि आंदोलन के दौरान कुरान को जलाया गया। पुलिस के अनुसार बजरंग दल के प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए, जिससे मुस्लिम समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस के अनुसार शाम को गणेशपेठ थाने में पवित्र ग्रंथ जलाने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिसकर्मियों पर पथराव के बाद पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

पुलिस ने बताया कि शिकायत के बाद, बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग महल, कोतवाली, गणेशपेठ और चिटनिस पार्क समेत शहर के विभिन्न इलाकों में इकट्ठा होने लगे। पुलिस ने बताया कि उपद्रव को भांपते हुए पुलिस ने गश्त तेज की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया। एक अधिकारी ने बताया कि चिटनिस पार्क और महल इलाकों में पुलिस कर्मियों पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। एक अधिकारी ने बताया कि अन्य इलाकों में भी हिंसा की सूचना है।

बजरंग दल के पदाधिकारियों ने हालांकि आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि उन्होंने अपने प्रदर्शन के तहत केवल औरंगजेब का पुतला जलाया था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), दंगा नियंत्रण पुलिस और राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को भी बुलाया गया है।

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- अफवाहों पर विश्वास न करें

नागपुर में हिंसा के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार रात शांति की अपील की और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा। उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है, जब शाम को मध्य नागपुर के कई इलाकों में इस अफवाह के बाद हिंसा फैल गई कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान कुरान को जला दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि अद्यतन जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा, 'महल इलाके में पथराव और तनावपूर्ण स्थिति के बाद पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया है।' उन्होंने नागरिकों से प्रशासन के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।

गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने यह भी कहा कि वह पुलिस के लगातार संपर्क में हैं और उन्होंने पुलिस से लोगों के साथ सहयोग करने को कहा। उन्होंने कहा, 'नागपुर शांतिपूर्ण शहर है, जहां लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं। हमेशा से नागपुर की यह परंपरा रही है। किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article