79वां स्वतंत्रता दिवस इस बार बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन में सिर्फ तिरंगा लहराने का दिन नहीं रहा..बल्कि इसे शहीद दिवस के रूप में एक भावपूर्ण और प्रेरणादायक आयोजन में बदला गया। देश की एकता और आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के परिजनों को सम्मानित किया गया और उन्हें एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया।
जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई, भारत माता की जय के गगनभेदी नारे और देशभक्ति गीतों से पूरा हाल गूंज उठा। मंच से “ऑपरेशन सिंदूर” का भी उल्लेख हुआ, जिसने उपस्थित लोगों में जोश और गर्व भर दिया। इस अवसर पर पांच शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया —
- बांग्लादेश युद्ध में शहीद लांस नायक शांताराम मोरे की पत्नी उज्वला मोरे
- पठानकोट हमले में शहीद हवलदार सूर्यकांत तेलंगे की पत्नी मनीषा तेलंगे
- कुपवाड़ा में ऑपरेशन रक्षक के दौरान शहीद कैप्टन विष्णु गोरे की माता अनुराधा गोरे
- पुलवामा में शहीद मेजर यशिन रमेश आचार्य की माता ग्रेस रमेश आचार्य
- शहीद अग्निवीर मुरली श्रीराम नाईक की माता ज्योतीबाई नाईक
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के खिलाफ नीति, साहसिक नेतृत्व और भारतीय सेना के अदम्य शौर्य की खुलकर सराहना की उन्होंने बलिदान देने वाले शहीदों की शौर्यगाथा को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके पराक्रम की कहानियों का उल्लेख किया।
समारोह के प्रमुख आयोजक व उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने कहा — “आज की युवा पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि स्वतंत्रता हमें यूं ही नहीं मिली, बल्कि अनगिनत बलिदानों और साहस की कीमत पर मिली है..हमारा कर्तव्य है कि शहीदों की अमर गाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते रहें।”
समारोह में उत्तर भारतीय समाज के गणमान्य नागरिक,संघ के ट्रस्टी,पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए..माहौल में जोश, गर्व और श्रद्धा का अनोखा संगम था कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक साथ खड़े होकर शहीदों को मौन श्रद्धांजलि दी।
